• June 7, 2026 2:16 pm

होली के हर रंग का होता है खास महत्व, जानें बच्चों और बड़ों को किस रंग का गुलाल लगाना चाहिए

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07 मार्च 2023 |  भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक होली आने वाली है। होली हिंदुओं का सबसे खास त्योहार है, जिसे रंगों के साथ मनाया जाता है। रंग का लोगों के जीवन में खास महत्व है। रंगों के बिना जीवन नीरस हो जाता है। वहीं रंगों के साथ दुनिया में बेहद खूबसूरत लगती है। प्रकृति भी अलग अलग रंगों से सजी है, जैसे आसमान की नीला रंग, बादलों को कुछ- कुछ सफेद और काला रंग, पेड़ पौधों की हरियाली का रंग, जमीन का गेरुआ रंग और इसी तरह प्रकृति में हमारे आसपास कई तरह के रंग हैं। यह रंग हमारी आंखों को सुकून पहुंचाते हैं, तो वहीं जीवन में उमंग, प्यार और खूबसूरती को बढ़ाते हैं। इन्हीं रंगों को जीवन की खुशहाली का प्रतीक मानकर होली के मौके पर लोग विभिन्न तरह के रंग एक दूसरे को लगाते हैं और गले मिलकर होली मनाते हैं। अगर आप भी रंगों की होली खेलते हैं तो अपने किसी करीबी या प्रियजन को रंग लगाते समय क्या आप किसी खास रंग के गुलाल का उपयोग करते हैं?

लाल रंग

लाल रंग को प्यार का प्रतीक माना जाता है। हालांकि होली में लाल रंग का गुलाल जोश और ऊर्जा को जाहिर करता है। होली के मौके पर अक्सर लोग लाल रंग के गुलाल का सबसे अधिक उपयोग करते हैं। आप लाल रंग का गुलाल बच्चों और युवाओं को लगा सकते हैं। यह रंग उनकी ऊर्जा, जज्बे और जोश को दर्शाता है और उनके चेहरे की सुंदरता को बढ़ाता है।

हरा रंग

प्रकृति की सुंदरता को बढ़ाने वाली हरियाली हरे रंग से आती है। होली के मौके पर आप हरा रंग अपनों से बड़ों को लगा सकते हैं। होली के हरे रंग का मतलब शीतलता, सुकून और सकारात्मकता है। यह रंग आंखों में चुभता नहीं और चेहरे पर खिलकर आता है।

नारंगी

होली के मौके पर लोग नारंगी रंग का उपयोग भी करते हैं। नारंगी रंग खुशियों, मिलनसारिता और खुशहाली का प्रतीक होता है। आप अपने दोस्तों, करीबियों और परिजनों को लगा सकते हैं। नारंगी रंग उन के आकर्षण को बढ़ाएगा और आपके निर्मल मन को जाहिर करेगा।

पीला

पीले रंग का गुलाल बेहद खूबसूरत लगता है। पीला रंग सुंदरता, पूजा और सम्मान का प्रतीक है। लड़कियों के चेहरे पर पीला रंग काकी आकर्षक लगता है। इसलिए बहनों को, महिला दोस्तों को या घर की महिलाओं को पीले रंग का गुलाल लगा सकते हैं। इसके अलावा पूजा पाठ में पीले रंग को शुभ माना जाता है। होली के मौके पर कई लोग पूर्णिमा तिथि पर कथा या पूजा पाठ करते हैं, जिसके बाद भगवान को रंग लगाकर होली खेलते हैं। भगवान के चरणों में आप पीला रंग अर्पित कर होली मनाएं।

सोर्स :-“अमर उजाला ”                         

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