2 अप्रैल 2022 | नेहरु डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को 2 साल बाद छात्रों ने परीक्षा दी। कोविड के चलते अब तक छात्र-छात्राओं ने घर रहकर ओपन बुक पद्धति से परीक्षा दी थी। पहली बार फाइनल ईयर की परीक्षा देने कॉलेज पहुंचे छात्रों को परेशान होना पड़ा। क्योंकि एक साथ 1850 छात्र-छात्राओं को बैठकर परीक्षा देना पड़ी। जिसके चलते छात्रों को गैलरी में बैठकर परीक्षा देना पड़ी। अपना रोल नम्बर ढूंढने के लिए भी छात्र-छात्राएं भटकते रहे।
दरअसल, शासकीय नेहरु डिग्री कॉलेज में स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की विश्व विद्यालयीन परीक्षाएं प्रारंभ की गईं। प्रथम पाली सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक चली जिसमें विज्ञान एवं वाणिज्य की परीक्षाएं हुईं। इस परीक्षा में 750 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जबकि द्वितीय पाली दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक हुई और 1850 छात्र-छात्राओं ने एक साथ बैठकर परीक्षा दी।
फाइनल ईयर की परीक्षा कराना कॉलेज प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। जिसके लिए कॉलेज प्रबंधन को प्राइवेट कॉलेज में भी परीक्षा केंद्र बनाना पड़ा साथ ही बैठक व्यवस्था के लिए फर्नीचर प्राइवेट कॉलेज से मंगाए गए। हालांकि जगह की कमी के चलते छात्र-छात्राओं को गैलरी में बैठकर परीक्षा देना पड़ी।
विद्यार्थी परिषद ने किया सहयोग- परीक्षा के दौरान छात्र संगठन विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने परीक्षा देने आने वाले छात्रों की मदद की। ड्यूटी में भी उन्होंने शिक्षकों की मदद की। जिससे छात्रों को परीक्षा देने में परेशानी न हो।
चुनाव के लिए आरक्षित किए कक्ष खुले
कॉलेज के कुछ कमरे चुनाव सामग्री रखे जाने के लिए आरक्षित किए गए थे जिनमें से चुनाव सामग्री तो हटा ली लेकिन इन कमरो की हालत ऐसी थी कि उनका उपयोग नहीं किया जा सका। कमरों में पंखे टूटे पड़े थे। और लाइट भी खराब हो रही थी।
व्यवस्था करना चुनौती थी लेकिन प्लानिंग के तहत इसे पूरा किया। सभी छात्रों के बैठने के लिए इंतजाम किया था। एक प्राइवेट कॉलेज को भी इस बार केंद्र बनाया था। दूसरी पाली में 1850 छात्रों ने परीक्षा दी थी। –डॉ.रेणु राजेश, प्राचार्य नेहरु कॉलेज
Source :- “दैनिक भास्कर”
