अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारतीय मूल की चर्चित अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) को प्रमोट कर फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (FDMD) बनाया गया है। यह………..
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) की भारतीय मूल की मुख्य अर्थशास्त्री (chief economist) गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) अब खास भूमिका में नजर आएंगी। उन्हें प्रमोट कर आईएमएफ की फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (First Deputy Managing Director) बनाया गया है। यह आईएमएफ में दूसरे नंबर का पद है। भारतीय मूल का कोई व्यक्ति पहली बार आईएमएफ में इस पद पर पहुंचा है। गीता गोपीनाथ पहले आईएमफ को छोड़ना चाहती थीं। उनका इरादा जनवरी 2022 में वापस हार्वर्ड विश्वविद्यालय जाकर फिर से पढ़ाने का था, लेकिन अब वह आईएमएफ में ही अपनी सेवाएं देंगी।
7वीं तक 45 फीसदी नंबर
गीता गोपीनाथ अब हालांकि अमेरिका की निवासी हैं, पर भारत से उनका करीबी नाता है। उनका जन्म भारत में हुआ था। गीता गोपीनाथ बचपन में पढ़ाई में बहुत अच्छी नहीं थी। उनके पिता गोपीनाथ ने The Week के दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि सातवीं तक गीता के 45 फीसदी नंबर आते थे लेकिन इसके बाद वह 90 फीसदी नंबर लाने लगीं। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी अपने बच्चों पर पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला और उन पर किसी तरह की पाबंदियां नहीं लगाईं। स्कूल के बाद गीता ने मैसूर में महाराजा पीयू कॉलेज जॉइन किया और साइंस की पढ़ाई की। तब उनके मार्क्स अच्छे थे और वह इंजीनियरिंग या मेडिसिन में जा सकती थीं। लेकिन उन्होंने इकनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स) करने का फैसला किया।’
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की पढ़ाई की। उन्होंने 1992 में यहां से ऑनर्स किया और फिर दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में ही मास्टर की पढाई पूरी की। इसके बाद 1994 में वह वाशिंगटन यूनिवर्सिटी चली गईं। साल 1996 से 2001 तक उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी की। पोस्टग्रेजुएशन के दौरान उनकी मुलाकात इकबाल से हुई। दोनों ने बाद में शादी कर ली। इस दंपति का 18 साल का एक बेटा है जिसका नाम राहिल है।

टीचिंग का काम
गीता गोपीनाथ वर्ष 2001 से 2005 तक शिकागो यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर रहीं, जिसके बाद उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर जॉइन किया। अगले 5 वर्षों में यानी 2010 में वह इसी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बन गईं। व्यापार एवं निवेश, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट, मुद्रा नीतियां, कर्ज और उभरते बाजारों की समस्याओं पर उन्होंने लगभग 40 शोध-पत्र भी लिखे हैं।
बयान पर विवाद
पिछले साल वह एक इंटरव्यू को लेकर भी सुर्खियों में रहीं, जिसमें उन्होंने वैश्विक आर्थिक विकास में गिरावट के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा कि ग्लोबल ग्रोथ के अनुमान में 80 फीसदी गिरावट के लिए भारत जिम्मेदार है। उनके इस बयान के बाद देश में विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने 2016 में सरकार के नोटबंदी के फैसले को भी आर्थिक विकास के लिहाज से नकारात्मक बताया था। लेकिन उन्होंने मोदी सरकार का विवादास्पद कृषि कानूनों की तारीफ की थी।
अमिताभ ने की थी तारीफ
बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने टीवी के चर्चित शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 12वें सीजन में एक एपिसोड के दौरान कंटेस्टेंट से इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (आईएमएफ) की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ से जुड़ा एक सवाल पूछा था। इस दौरान उन्होंने गीता गोपीनाथ की खूबसूरती की तारीफ भी की। गीता गोपीनाथ ने इस वीडियो को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर कर लिखा कि मुझे नहीं लगता है कि कभी इसे भूल पाऊंगी। मैं अमिताभ बच्चन की बहुत बड़ी फैन हूं। मेरे लिए यह बहुत खास है।’

कार्नेगी कॉरपोरेशन से सम्मान
इसी साल अमेरिका के कार्नेगी कॉरपोरेशन (Carnegie Corporation) ने गीता गोपीनाथ को सम्मानित किया था। यह सम्मान अपने योगदान और कार्यों से अमेरिकी समाज और लोकतंत्र को समृद्ध एवं मजबूत करने के लिए दिया जाता है। गोपीनाथ को कार्नेगी कॉरपोरेशन ने ‘2021 ग्रेट इमिग्रेंट्स’ की सूची में शामिल किया गया था। संस्था ने कहा कि 49 वर्षीय गीता गोपीनाथ को अंतरराष्ट्रीय वित्त और मैक्रोइकनॉमिक्स संबंधी अपने शोध के लिए जाना जाता है। उनके शोध कई इकनॉमिक्स जर्नल्स में प्रकाशित हुए हैं। 2019 में भारत सरकार ने उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान दिया था जो प्रवासी भारतीयों और भारतवंशियों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है।
Source :- नवभारत
