• June 4, 2026 12:25 pm

केजरीवाल को दे दो बंगला… आखिर AAP किस कानून का हवाला देकर केंद्र से मांग रही, जानें क्या कहता है नियम

ByPrompt Times

Sep 21, 2024
Share More

आम आदमी पार्टी (AAP) ने अरविंद केजरीवाल के लिए सरकारी आवास की मांग की और कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी का संयोजक होने के नाते वह इसके हकदार हैं। आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने कहा, ‘उम्मीद है कि हमें इसके लिए कानूनी लड़ाई नहीं लड़नी पड़ेगी। केजरीवाल ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने का फैसला किया है और वह अपना सरकारी आवास छोड़ देंगे।’

 

भले ही दिल्ली के सीएम पद से अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन दिल्ली की सियासत अब भी केजरीवाल के आसपास ही घूम रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) अरविंद केजरीवाल के जरिए दिल्ली में अपनी जमीन मजबूत करना चाहती है। दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी के पास वक्त काफी कम है। शायद इसी वजह से आप ने केंद्र सरकार से मांग की है कि केजरीवाल को दिल्ली में ही दूसरा सरकारी आवास मुहैय्या कराया जाया।

 

आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले अरविंद केजरीवाल के लिए सरकारी आवास की मांग की है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय पार्टी AAP के राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते केजरीवाल सरकारी आवास के हकदार हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बताया कि AAP इस मुद्दे पर संबंधित मंत्रालय को पत्र लिखेगी। चड्ढा ने पत्रकारों से कहा, ‘हमें उम्मीद है कि इस मामले पर कानूनी लड़ाई नहीं होगी, केजरीवाल ने अपने सिद्धांतों के आधार पर इस्तीफा देने का फैसला किया है और वे अपना सरकारी आवास खाली कर देंगे।’

 

राघव चड्ढा ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार हर राष्ट्रीय पार्टी को देश की राजधानी में एक कार्यालय और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष/संयोजक को एक सरकारी आवास मिलता है। आइए जानते हैं दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल सरकारी बंगले के हकदार हैं या नहीं। इस बारे में नियम क्या कहते हैं?

 

क्या कहता है नियम?

दिल्ली का पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते अरविंद केजरीवाल सरकारी आवास के हकदार नहीं हैं। नियमों के अनुसार, केजरीवाल के इस्तीफे की सूचना दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दी जाएगी, जो 6, फ्लैगस्टाफ रोड बंगले का मालिक है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी केजरीवाल को 15 दिन के अंदर बंगला खाली करने की सूचना देगा। रिपोर्ट के अनुसार पीडब्ल्यूडी ने अभी तक यह सूचना जारी नहीं की है।

 

क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट का आदेश?

पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए सरकारी आवास का मुद्दा पहले भी सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है, खासकर उत्तर प्रदेश के मामलों में।हालांकि, मई 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि मुख्यमंत्रियों को पद छोड़ने के बाद बंगला आवंटित नहीं किया जा सकता और उनके साथ आम नागरिकों जैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश के उस कानून को रद्द कर दिया, जिसके तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला रखने की अनुमति दी गई थी।

 

पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते मिलेगा सरकारी घर?

पंजाब और दिल्ली में सत्ता में बैठी आप को 2023 में भारत के चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया। नियमों के अनुसार, किसी राष्ट्रीय पार्टी का अध्यक्ष या राष्ट्रीय संयोजक सरकारी आवास का हकदार होता है। राष्ट्रीय दलों के लिए नियमों में कहा गया है, ‘मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष को एक आवासीय आवास आवंटित किया जाएगा, अगर उसके पास दिल्ली में अपना या सरकार की ओर से किसी अन्य कैटेगिरी में आवंटित कोई आवास नहीं है।’

 

 

SOURCE – PROMPT TIMES

 

 


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *