नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण (Delhi Pollution) से निपटने के लिए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया. दिल्ली में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी ( Electric Vehicle Policy) लॉन्च कर दी गई. इसकी जानकारी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal)ने दी. नई पॉलिसी को प्रगतिशील बताते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि इससे प्रदूषण में कमी आएगी, रोजगार बढ़ेंगे और 5 साल में पांच लाख गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा. सीएम ने कहा कि इससे दिल्ली की इकॉनमी के और बेहतर होने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि ‘हमने आज इलेक्ट्रिक वाहन नीति की अधिसूचना जारी कर दी है. इस नीति जरिए हमारा उद्देश्य दिल्ली की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, रोजगार बढ़ाना और राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के स्तर को कम करना है.’ सीएम ने कहा, ‘यह इलेक्ट्रिक वाहन नीति देश की सबसे प्रगतिशील नीति है.’
1 साल में 200 चार्जिंग स्टेशन बनाने का उद्देश्य- सीएम
सीएम केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि 5 साल में 5 लाख नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा. उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण होगा. इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लागू करने के लिए एक ‘ईवी सेल’ स्थापित किया जाएगा.’
सीएम ने कहा कि हमारा मकसद है कि 1 साल के भीतर 200 चार्जिंग स्टेशन हो जाएं ताकि 3 किलोमीटर के आसपास आपकी गाड़ी के लिए चार्जिंग आसान हो. उन्होंने कहा कि एक स्टेट इवी फंड के जरिए इसका खर्च किया जाएगा. इसके साथ ही एक स्टेट इलेक्ट्रिकल व्हीकल बोर्ड बनाया जाएगा जिसके अध्यक्ष राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर होंगे और एक समर्पित ईवीसेल बनाया जाएगा तो पूरी नीति को लागू करने में सहायक होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिल्ली विकास मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है. जिस तरह से फ्री बिजली, स्कूल, कोरोना को कंट्रोल करने को हमारा मॉडल की चर्चा हो रही है उसी तरह हमारी इलेक्ट्रिव व्हीकल पॉलिसी की भी चर्चा होगी.
