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उत्तर प्रदेश के हाथरस की बेटी ने जिंदगी और मौत से लड़ते हुए दम तोड़ा

ByPrompt Times

Sep 30, 2020
उत्तर प्रदेश के हाथरस की बेटी ने जिंदगी और मौत से लड़ते हुए दम तोड़ा
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उत्तर प्रदेश के हाथरस की बेटी ने जिंदगी और मौत से लड़ते हुए दम तोड़ दिया. आरोप है कि 14 सितंबर को युवती के साथ गांव के ही दबंगों ने गैंग रेप किया था और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी. हालांकि, हाथरस पुलिस की एफआईआर में गैंगरेप का जिक्र नहीं है, लेकिन पीड़ित परिवार ये आरोप लगा रहा है. इस मामले में सियासी जंग छिड़ गई है.

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद पीड़िता के परिजनों से मिलने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पहुंच गए हैं. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने परिजनों से फोन पर बात की और तीन-चार दिन में मुलाकात करने का वादा किया.

वहीं, विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि तमाम विपक्षी दलों और दलित संगठनों द्वारा भारत बंध का एलान हो. उत्तरप्रदेश के हाथरस में बलात्कार का शिकार बनी 19 साल की बेटी ने आज दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया. बलात्कारियों ने यह बच्ची की जुबां काट दी ताकि वह अपने साथ हुए अत्याचार के बारे में कुछ बोल न पाए. शर्मनाक.

केजरीवाल सरकार में मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, ‘उत्तरप्रदेश में जंगल राज, सीएम योगी दें इस्तीफ़ा…केंद्र सरकार से मांग योगी सरकार को भंग करें और हाथरस बलात्कर मामले की सीबीआई जांच हो और पीड़ित परिवार को सुरक्षा के साथ-साथ 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए. 2 महीने में चार्जशीट फ़ाइल हो और 6 महीने में फांसी की सजा.’

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 8 दिनों तक गैंगरेप का मामला दर्ज नहीं किया. मीडिया में मामला उजागर होने के बाद ही पुलिस ने कार्रवाई की. सीएम योगी के करीबी और आगरा के अधिकारियों ने इस घटना को फर्जी खबर करार दिया था. किसी भी आरोपी के खिलाफ एनएसए क्यों नहीं लगाया गया.

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी..यहां ऐसे ही मामलों की लंबी सूची है, जहां पीड़ितों को धमकी दी जाती है. दो साल पुराना डेटा दिखाता है कि यूपी देश की अपराध राजधानी है. स्मृति ईरानी आज चुप क्यों हैं? हम पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की मांग करते हैं. मामले का स्पीडी ट्रायल होना चाहिए.

यह घटना 14 सितंबर को सुबह 9.30 हुई. उसके बाद लड़की अपने भाई के साथ थाने पर पहुंची और गला दबाकर हत्या करने की कोशिश का मामला दर्ज कराया गया. इसके बाद लड़की को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. मामला SC/ST एक्ट का था, इसलिए क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को जांच दी गई.

एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार के मुताबिक, क्षेत्राधिकारी की जांच के बाद छेड़खानी की धारा जोड़ी गई. पीड़िता का बयान दर्ज करने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी हालत गंभीर थी. 22 सितंबर को बयान दर्ज किया गया, जिसमें गैंगरेप की बात सामने आई. इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस की ओर से लापरवाही नहीं की गई है.

प्रिया ध्रुवे


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