• June 9, 2026 6:39 am

छत्‍तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहा सुधार, लेकिन राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक में पीछे हैं सरकारी अस्‍पताल

Share More

16  सितंबर 2022 | छत्‍तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में भले ही तेजी से सुधार हो रहे हैं, लेकिन शासकीय अस्पताल राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक में काफी पीछे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कुल संख्या करीब 1,066 है। इसमें से सिर्फ 55 शासकीय अस्पताल राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक पर खरे उतरे हैं, जबकि 1,011 अस्पताल इस पर खरे ही नहीं उतरते हैं। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शासकीय अस्पतालों की गुणवत्ता को परखा जाता है। इसमें तय मापदंडों पर खरा उतरने पर अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेट दिया जाता है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। राज्य सरकार के लगातार प्रयासों के बाद भी शासकीय अस्पतालों का स्वास्थ्य गुणवत्ता के मानकों पर खरा न उतरना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

इन मानकों पर अस्पतालों का मूल्यांकन
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेशन का उद्देश्य अस्पतालों की सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। इसका मूल्यांकन इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरण, स्वास्थ्य सेवाएं व योजनाओं, मरीज संतुष्टि, संक्रमण नियंत्रण समेत अन्य बिंदुओं पर किया जाता है। इन मानकों पर अब एचडब्ल्यूसी उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी शुरू किया गया है।
निजी अस्पतालों की शासकीय से भी बुरी स्थिति
प्रदेश में शासकीय अस्पतालों से काफी बुरी स्थिति निजी अस्पतालों की है। राज्य निजी अस्पताल बोर्ड के अध्यक्ष डा. राकेश गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड फार हास्पिटल्स (एनएबीएच) निजी अस्पतालों की गुणवत्ता के मापदंडों को सुनिश्चित करता है। प्रदेश में छोटे-बड़े अस्पताल व नर्सिंग होम मिलाकर करीब 900 निजी अस्पताल हैं। इसमें से सिर्फ आठ के पास ही एनएबीएच प्रमाण-पत्र है। 95 प्रतिशत अस्पतालों में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की कमी, अधिकतर में इमरजेंसी सेवाओं में विशेषज्ञ चिकित्सकों का न होना, पार्ट टाइम चिकित्सक व नर्सिंग कर्मियों की सेवाएं, पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव है। गलत इलाज, अधिक पैसे वसूली की ढेरों शिकायतें शासन के पास हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक भीम सिंह ने कहा, राज्य में शासकीय स्वास्थ्य सेवाएं काफी तेजी से सुदृढ़ हो रही है। इन्हें और बेहतर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल – 28 – 10
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – 174 – 07
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र – 792 – 26
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र – 52 – 12

Source:-“”नई दुनिया”

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *