07 सितंबर 2022 | पहले कोरोना संकट ने युवाओं का रोजगार छीना और अब आए दिन सामने आ रहे भर्ती घपले उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते चार साल में यहां पंजीकरण दोगुना से अधिक बढ़े हैं। पंजीकरण रिन्यू कराने वाले युवाओं की संख्या में भी 30 से 40 फीसदी का इजाफा हुआ है।
युवा इस उम्मीद से रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, कि शायद कभी उनकी नौकरी लगेगी। कोरोना के कारण बीते दो साल रोजगार के अवसर बेहद कम हुए। पहले की तुलना में इस दौरान 10 फीसदी युवाओं को भी रोजगार नहीं मिला। अब इस साल कोरोना से कुछ राहत मिली तो भर्ती घपले योग्य युवाओं की रास्ते का रोड़ा बन गए हैं। इस साल अप्रैल से जुलाई के बीच क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में 626 युवा अपना पंजीकरण रिन्यू करा चुके हैं।
2020 से 22 में करीब 260 को मिला रोजगार: क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय में कोरोना के समय रोजगार मेलों से 260 लोगों को ही निजी क्षेत्रों में नौकरी मिली। जबकि, इसमें प्रतिभाग करने वालों की संख्या में ज्यादा अंतर नहीं आया था। इससे हर साथ पांच सौ से अधिक युवा निजी क्षेत्र में रोजगार पाते थे। हालांकि इस साल लगे दो रोजगार मेलों में रोजगार मिलने के आंकड़े बढ़े हैं।
88 हजार से अधिक हुए पंजीकरण: क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में वर्तमान में 88 हजार से अधिक पंजीकरण हैं। सर्वाधिक 38045 पंजीकरण 2021-22 में हुए। कोरोना के पहले साल 2020-21 में 26122 पंजीकरण हुए थे। इससे पहले हर साल पंजीकरण की संख्या बीस हजार से कम थी।
क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण
वर्ष पंजीकरण
2018-19 16,831
2019-20 17,445
2020-21 26,122
2021-22 38,045
सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण का ब्योरा
वर्ष पंजीकरण
2019-20 2610
2020-21 2880
2021-22 3205
(क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में 2022-23 में अभी तक 626)
युवाओं को कितने मौके मिले
वर्ष रोजगार मेले प्रतिभागी चयन
2018-19 06 1,459 425
2019-20 05 2,351 772
2020-21 04 1,562 075
2021-22 02 1,226 185
(2022-23 में अभी तक दो मेलों में
करीब 250 युवाओं का चयन)
Source:-"हिंदुस्तान"
