• June 8, 2026 6:15 am

अरुणाचल की 2 जगहों पर भारत दे गश्‍त लगाने का अध‍िकार… मिसाइल टेस्‍ट के बाद चीन की नई चाल, निशाने पर तवांग

ByPrompt Times

Oct 1, 2024
Share More

 चीन ने भारत के खिलाफ नई चाल चली है। चीन के वार्ताकारों ने मांग की है कि भारत अरुणाचल प्रदेश में दो जगहों पर गश्‍त लगाने का अध‍िकार दे। वहीं भारत ने साफ कर दिया है कि यह चीनी मांग गैरवाजिब है। अरुणाचल प्रदेश के ये दोनों ही इलाके रणनीतिक रूप से अहम हैं।

 

  • रूस में ब्रिक्‍स सम्‍मेलन के पहले चीन ने भारत पर दबाव बनाना तेज कर दिया है
  • दोनों देशों ने तनाव को कम करने के लिए सीमा विवाद पर अहम बैठक की है
  • चीन ने भारत से मांग की है कि अरुणाचल में चीनी सेना को गश्‍त लगाने की अनुमति दे

 

रूस में ब्रिक्‍स सम्‍मेलन के पहले चीन ने भारत पर दबाव बनाना तेज कर दिया है। कहा जा रहा है कि कजान में ब्रिक्‍स की बैठक में पीएम मोदी और चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गलवान हिंसा के बाद पहली बार शिखर बैठक हो सकती है। इस बीच दोनों देशों ने तनाव को कम करने के लिए लद्दाख में चल रहे सीमा विवाद पर अहम बैठक की है। कहा जा रहा है कि कई मुद्दों पर आने वाले समय में सहमति बन सकती है। इस बीच चीनी ड्रैगन ने नई चाल चल दी है जिसे मानना भारत के लिए असंभव होगा। चीनी वार्ताकारों ने भारत से मांग की है कि वह अपने अरुणाचल प्रदेश के दो संवेदनशील इलाकों में चीनी सेना को गश्‍त लगाने की अनुमति दे। चीन ने यह मांग तब की है जब उसने लद्दाख के पास कराकोरम पठार में क्रूज मिसाइल को मार गिराने का टेस्‍ट किया है।

 

द ट्रिब्‍यून की रिपोर्ट के मुताबिक चीन चाहता है कि भारत उसे यांग्‍त्‍सी इलाके में गश्‍त लगाने का अधिकार दे जो तवांग का पूर्वोत्‍तर का इलाका है। इसी इलाके में दिसंबर 2022 में दोनों ही पक्षों के बीच खूनी लड़ाई हो चुकी है। वहीं दूसरी जगह मध्‍य अरुणाचल में सुबानसिरी नदी घाटी है। इन दोनों ही जगहों पर दशकों पर भारतीय सेना का पूरी तरह से कब्‍जा है। चीन ने यह हालिया मांग पिछले 4 साल में दोनों देशों के बीच 21 दौर की बातचीत के बाद किया है। इस बातचीत में पूर्वी लद्दाख में एलएसी को लेकर चल रहे विवाद पर चर्चा हुई है।

 

जयशंकर ने माना गश्‍त मुख्‍य मुद्दा

पूर्वी लद्दाख में चीन भारतीय सैनिकों को एलएसी पर पेट्रोल प्‍वाइंट 10, 11, 12 और 13 में जाने से रोक रहा है। यह पूरा विवाद 972 वर्ग किमी में फैले डेपसांग पठार में गतिरोध के बाद शुरू हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने साफ कर दिया है कि चीन की मांग ‘गैरवाजिब’ है। दरअसल, चीन चाहता है कि वह लद्दाख में तब भारत को गश्‍त लगाने का अधिकार देगा जब भारत अरुणाचल में उसे ऐसा करने देगा। वहीं भारत ने साफ कह दिया है कि वह चीन की इस मांग को नहीं मानेगा। भारत ने कहा कि अरुणाचल के इन इलाकों पर दशकों से भारत का कब्‍जा है।

 

वहीं लद्दाख में गश्‍त बंद होने की बात करें तो यह मात्र अप्रैल 2020 से बंद है। इसके बाद से दोनों ही देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। इससे पहले मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहली बार माना था कि भारत और चीन के बीच एलएसी पर विवाद पेट्रोलिंग के अधिकार को लेकर है। जयशंकर ने कहा,’इस समय मुख्‍य मुद्दा गश्‍त लगाने का अध‍िकार है।’ उन्‍होंने भारत और चीन के बीच रिश्‍तों को बहुत अशांत करने वाला है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि चीन अरुणाचल के जिन दो स्‍थानों पर गश्‍त लगाने की मांग कर रहा है, वह रणनीतिक रूप से बेहद अहम है।

 

चीन ने मिसाइल टेस्‍ट से बनाया दबाव

अरुणाचल के इन दोनों ही जगहों पर चीन कई बार घुसने का प्रयास कर चुका है लेकिन भारत ने रोक रखा है। चीन ने यह मांग ऐसे समय पर की है जब उसने बातचीत वाले दिन ही क्रूज मिसाइल को मार गिराने का टेस्‍ट किया है। चीन चाहता है कि बातचीत के दौरान भारत पर दबाव बनाया जाए। साथ अपनी ताकत को दिखाया जाए। भारत ने चीन को जवाब देने के लिए ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल को तैनात किया है। चीन लंबे समय से तवांग पर अपना दावा करता रहा है। अब नई मांग से तनाव सुलझने के आसार कम दिख रहे हैं।

 

 

SOURCE – PROMPT TIMES

 

 


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *