• June 7, 2026 12:02 am

कैसी होती है रिवॉल्वर, क्या हाथ से छूट जाए तो गोली चल सकती है? गोविंदा के मामले से उठ रहे सवाल

ByPrompt Times

Oct 1, 2024
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रिवाल्वर के नाम में ही सुरक्षा की गारंटी है. रिवाल्वर से फायरिंग के लिए ट्रिगर का पूरा दबना जरूरी है. जैसे जैसे ट्रि्गर दबता है, इसका हैमर खिंच कर पीछे आता है. वहीं जब हैमर अपने एंड पॉइंट पर आता तो गोलियों की चकरी को घुमाने वाले पॉइंट पर जोर पड़ता है. इसके बाद ही गोली हैमर के सामने आती है. इसके बिना रिवाल्वर से फायर संभव ही नहीं.

 

बॉलीवुड के अभिनेता गोविंदा अपने रिवाल्वर से गोली चल जाने की वजह से घायल हो गए हैं. गनीमत है कि गोली उनके पैर में लगी है और वह फिलहाल सुरक्षित है. हालांकि इस घटना को लेकर उठ रहे सवालों पर हर कोई हैरान है. बड़ा सवाल यह कि आखिर रिवाल्वर से गोली अपने आप चली कैसे? दरअसल रिवाल्वर का मैकेनिज्म ही ऐसा होता है कि इससे अपने आप गोली चलने की संभावना ना के बराबर होती है. इसी वजह से ही इसे सबसे सुरक्षित हथियार माना जाता है. इस हथियार से सुरक्षा की गारंटी तो इसके नाम में ही छिपा है. हालांकि पिस्टल में ऐसा नहीं है.

 

पिस्टल में तो लॉक की सुविधा भी होती है, बावजूद इसके, एकाध बार इससे गोली चल जाने की खबरें आई हैं. यहां बात रिवाल्वर की हो रही है. कहा जा रहा है कि गोविंदा के पास लाइसेंस रिवाल्वर है और गोली भी उनके उसी रिवाल्वर से चली है. उत्तर प्रदेश पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी एसपी पीपी कर्णवाल के मुताबिक रिवाल्वर की खासियत है कि जब रिवाल्वर का ट्रिगर पूरा दबता है तो हैमर पीछे आता है और तब गोलियों की चकरी घूमती है. इसके बाद एंड पॉइंट पर आकर हैमर पूरी ताकत के साथ आगे ठोकर मारता है.

रिवाल्वर में सुरक्षा की गारंटी

हैमर का अगला और नुकीला हिस्सा गोली के टिप पर लगता है तो फायर होता है. रिवाल्वर के साथ बड़ी बात यह है कि इसमें पहले से हैमर को खींच कर नहीं रखा जा सकता. यही इसमें सुरक्षा की गारंटी है. ऐसे में यदि रिवाल्वर का चैंबर भरा हो और वह गिर जाए, या इसे फेंक कर मारा जाए तो भी किसी हाल में गोली नहीं चल सकती. इसके लिए ट्रिगर का दबना और हैमर का पीछे की तरफ खिंचकर एंड पॉइंट तक पहुंचना जरूरी है.

 

पिस्टल रेडी टू फायर होता है

जहां तक बात पिस्टल की बता है तो इसमें थोड़ी संभावना है. यह संभावना भी इसलिए है कि इसे लोड करने के बाद रेडी टू फायर का ऑप्शन होता है. ऐसे में यदि इसे लॉक ना किया जाए तो इसके गिरने पर फायर की संभावना रहती है. यूपी एसटीएफ के एक अधिकारी के मुताबिक रिवाल्वर से अपने आप फायर होने की संभावना 99 फीसदी तक नहीं होती. एक प्रतिशत जो संभावना बचती है, वो स्प्रिंग ढीली होने की वजह से हो सकती है. हालांकि ऐसा भी मामला अब तक कहीं देखा नहीं गया है.

ताकत से चलती है रिवाल्वर

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रिवाल्वर का ट्रिगर दबाने के लिए उंगलियों में ताकत की जरूरत होती है. यह ताकत हर फायर के वक्त चाहिए. जबकि पिस्टल में ऐसा नहीं है. पिस्टल का ट्रिगर काफी स्मूथ होता है. इसमें लॉक खुलने के बाद हल्का से दबाव भी फायर कर सकता है. यही वजह है कि पुलिस अधिकारियों को सर्विस हथियार के रूप में रिवाल्वर नहीं दी जाती. बता दें कि आज सुबह गोविंदा के साथ दुर्घटना हो गई. कहा जा रहा है कि वह अपने रिवाल्वर को साफ कर रहे थे, इसी दौरान रिवाल्वर उनके हाथ से गिर गया और गोली चल गई. गोली उनके पैर में लगी और फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

 

SOURCE – PROMP TTIMES


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