जम्मू कश्मीर में गृह विभाग के प्रशासनिक सचिव की ताकत बढ़ गई है। हथियार व गोलाबारूद डीलरों को लेकर लाइसेंस जारी कर सकेंगे।

जम्मू -कश्मीर में अब गृह विभाग के प्रशासनिक सचिव हथियार और गोलाबारूद डीलरों को लाइसेंस प्रदान करेंगे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विशेष शक्तियों के तहत यह फैसला लिया है।
सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव संजीव वर्मा की ओर से जारी एक आदेश में बताया गया है कि गन लाइसेंस लेने के लिए एस 1 फार्म की जिम्मेदारी जिले के डीएसपी डीएआर सक्षम प्राधिकारी को सौप दी गई है। यह अधिकारी न सिर्फ ट्रेनिंग कराएंगे, बल्कि इसका सर्टिफिकेट भी जारी करेंगे। यह सर्टिफिकेट फार्म एस 1 के रूप में होगा।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में गृह विभाग ने गन लाइसेंस लेने के लिए फार्म एस 1 अनिवार्य कर दिया था। लाइसेंस का आवेदन करने के लिए इस फार्म को लगाना जरूरी था, लेकिन प्रदेश में इस फार्म को जारी करने के लिए कोई अधिकृत नहीं था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में लाइसेंस बनाने पर रोक भी लगा दी गई।
आठ हजार गन लाइसेंस अटके
सूत्रों का कहना है कि करीब 8 हजार लोगों के लाइसेंस इस फार्म की वजह से अटके पड़े हुए हैं। क्योंकि लाइसेंस आवेदन के साथ फार्म एस 1 नहीं हैं।
