अगस्त 16 2023 ! राजस्थान में सरकारी नौकरी के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाएं अब और कठिन हो सकती है. राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (RPSC) की तरफ से मार्किंग स्कीम को लेकर कई बदलाव किए जा रहे हैं. नए स्कीम के तहत अब कैंडिडेट्स को हर सवाल का जवाब जरूर देना होगा. अगर किसी प्रश्न का जवाब नहीं दिया तो निगेटिव मार्किंग के तहत मार्क्स काटे जाएंगे.
पहले परीक्षाओं में आपको जिस प्रश्न का उत्तर नहीं आता था आप वे प्रश्न छोड़ सकते थे. इसके लिए कोई मार्क्स नहीं कटते थे. अब परीक्षाओं के फॉर्मेट में कई बदलाव होने जा रहे हैं. अब आपको हर सवाल का जवाब देना ही होगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन की तरफ से अब मल्टी च्वॉइस क्वेश्चन में हर सवाल के लिए 4 की जगह 5 ऑप्शन मिलेंगे. इन सवालों का जवाब देना अनिवार्य है. अगल किसी परीक्षार्थी को सवाल का जवाब नहीं आ रहा है तो वो 5वां ऑप्शन सेलेक्ट कर सकता है. इस फॉर्मेट से क्या फायदा होगा, आइए समझते हैं.
हर सवाल का जवाब अनिवार्य करने के पीछे की सबसे बड़ी वजह है ओएमआर शीट को छेड़छाड़ से बचाना. अक्सर परीक्षा एजेंसियों पर धांधली का आरोप लगता है. जिस सवाल का जवाब परीक्षार्थी ओएमआर शीट पर छोड़ देते हैं, उन सवालों के सही जवाब का गोला करके उस सवाल के लिए पूरा नंबर दिया जा सकता है.
नए फॉर्मेट के आने से अब कोई भी जवाल का ऑप्शन खाली नहीं होगा. खाली ऑप्शन को भरकर छोड़े गए सवाल को सही बना दिया जाता है. ओएमआर शीट को लेकर आए फैसले के बाद अब किसी तरह की धांधली नहीं हो पाएगी.
आरपीएससी जल्द ही वन टाइन वेरिफिकेशन प्रोसेस लेकर आ सकता है. इसमें परीक्षार्थी को किसी इंटरव्यू या काउंसलिंग में पहले ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शामिल होना होगा. इससे बार-बार वेरिफिकेशन की जरूरत नही पड़ेगी. साथ ही परीक्षा केंद्रों पर बायोमैट्रिक एक्सेस कंट्रेल सिस्टम लगाए जा सकते हैं. ये बदलाव आगे आने वाली असिस्टेंट कॉलेज प्रोफेसर और जूनियर लीगल ऑफिसर भर्ती परीक्षा में किए जा सकते हैं.
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष “
