• June 7, 2026 11:33 pm

इजराइल का एजुकेशन सिस्टम क्यों है दूसरे देशों से बेहतर, ये हैं 5 बड़ी वजह

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अक्टूबर 9 2023 ! इजराइल-हमास के बीच चल रहे संघर्ष में इजराइल के 700 से ज्यादा नागरिकों के मारे जाने की खबर है. इजराइल इन दिनों हमास के हमले से जूझ रहा है. हालांकि, इजराइल का नाम दुनिया के बेस्ट एजुकेशन सिस्टम वाले देशों में लिया जाता है. यहां मिलिट्री की ट्रेनिंग एजुकेशन सिस्टम का ही हिस्सा है.

इजराइल के इतिहास, धर्म, भूगोल, पड़ोसियों के साथ संबंध और आर्मी फोर्स की चर्चा दुनियाभर में है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल की शिक्षा पद्धति को सीखने के लिए साल 2022 में भारत का एक डेलिगेशन इजराइल दौरे पर गया था. इजराइल का एजुकेशन सिस्टम क्यों दूसरे देशों से बेहतर है आइए विस्तार से जानते हैं.
 इजराइल बहुत पहले से डेटा एनलिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI Based) की मदद से इनोवेशन बेस्ड एजुकेशन सिस्टम को सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है. इजराइल के कई संस्थानों, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट में काफी समय से AI Training कोर्स का हिस्सा है.
 इजराइल के एजुकेशन सिस्टम के अनुसार, सभी छात्रों को मिलिट्री की ट्रेनिंग लेनी जरूरी है. सभी छात्रों को इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) से जोड़ा जाता है. आईडीएफ ट्रेनिंग सेंटर की गणना दुनिया के सबसे सख्त सेंटर के तौर पर होती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल में रविवार को हफ्ते का पहला दिन माना जाता है और इस दिन सोमवार की तरह ही पूरे जोश से काम होता है.
इजराइल में एजुकेशन फंडिंग छात्रों के लिए विभिन्न योजनाओं और तरीकों के माध्यम से उनकी मदद करता है. किसी भी स्टूडेंट को शिक्षा हासिल करने के लिए आर्थिक रूप से समर्थन देने का काम किया जाता है. यह सरकार और निजी एजेंसियों द्वारा व्यक्तिगत तरीकों से भी प्रदान किया जा सकता है.
इजराइल में, 6 से 18 साल की उम्र तक स्कूल जाना अनिवार्य है. स्कूली शिक्षा अनिवार्य है. औपचारिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालयों में ग्रेड 1 से 6 तक शुरू होती है. इसके बाद यह इंटरमीडिएट स्कूल में जारी रहती है, जिसमें ग्रेड 7 से 9 और माध्यमिक विद्यालय में ग्रेड 10 से 12 शामिल होते हैं. बता दें कि, प्राथमिक शिक्षा के बाद स्कूल की 9% आबादी बोर्डिंग स्कूलों में है.
इजराइल के एजुकेशन सिस्टम की खास बात यह भी है कि यहां के स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान देने पर विश्वास नहीं करते. यहां के स्कूलों में छात्रों को सिचाईं के बारे में भी बताया जाता है. विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए छात्रों को इंटरनेशनल टेस्ट देना होता है. इसके लिए अन्य देशों की भाषा की जानकारी से लेकर इतिहास और भूगोल के बारे में भी पढ़ाया जाता है.
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष    

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