• June 6, 2026 9:11 pm

केंद्र सरकार के लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में अब कैंसर मरीजों को रेडिएशन थेरेपी की भी मिलेगी सुविधा, पहले मरीज का हुआ इलाज

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केंद्र सरकार के लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज में कैंसर मरीजों को अब ब्रेकीथेरेपी (आंतरिक विकिरण) की सुविधा मिलेगी. यह विभाग पहले से कैंसर रोगियों के लिए ओपीडी और कीमोथेरेपी सेवाएं प्रदान कर रहा था, लेकिन अब मरीजों को रेडिएशन थेरेपी की सेवाएं भी मिलेंगी. आधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक से कैंसर मरीजों का इलाज किया जाएगा. अस्पताल में सीटी-सिम्युलेटर मशीन से रेडियोथेरेपी उपचार किया जा रहा है. इसके जरिए मरीजों में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर, गर्भाशय, प्रोस्टेट, स्तन और अन्य कैंसर का ट्रीटमेंट होगा. ब्रेकीथेरेपी उपचार से कैंसर सेल्स को नष्ट करने ट्रीटमेंट किया जाएगा.

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुभाष गिरि ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में रेडिएशन थेरेपी का खर्च काफी ज्यादा है. ऐसे में अब मरीज इस सरकारी अस्पताल में निशुल्क अपनी रेडिएशन थेरेपी करा सकेंगे. एलएचएमसी के रेडिएशन ओन्कोलॉजी ब्लॉक में विभिन्न प्रकार के कैंसर रोगियों के इलाज के लिए एक हाई एनर्जी लीनियर एक्सेलरेटर (लीनेक) मशीन भी शुरू की जाएगी.

लीनेक मशीन कैंसर उपचार के लिए मेगा वोल्टेज ऊर्जा की श्रेणी में उच्च ऊर्जा के एक्स-रे और इलेक्ट्रॉन उत्पन्न करती है. यह विशेष रूप से उन रोगियों के लिए लाभदायक होगा जिनमें ब्रेन ट्यूमर्स, ब्रेन में फैला हुआ कैंसर या एक ब्रेन ट्यूमर दोबारा होने का रिस्क रहता है. कुछ हफ्तों में यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) से यह मशीन अस्पताल में आ जाएगी.

क्या होती है ब्रेकीथेरेपी

डॉ. सुभाष गिरि ने बताया कि रेडिएशन मरीज के ट्य़ूमर सेल पर अटैक करती है. मरीज की सीटी स्कैन, पेट स्कैन और एमआरआई से इमेज हाइडेड थेरेपी की जाती है. ब्रेकीथेरपी का यूज,गर्भाशय, प्रोस्ट्रेट, और मुंह के कैंसर सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. डॉ गिरि ने बताया कि भारत में हर साल कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है. प्राइवेट अस्पतालों में इलाज काफी महंगा है. ऐसे में अब लेडी हॉर्डिंग में कैंसर मरीजों के लिए ब्रेकीथेरेपी शुरू की गई है. यहां कैंसर मरीजों का इलाज निशुल्क होगा. जिन मरीजों को इस थेरेपी की जरूरत होती उनको रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और डॉक्टर की सलाह पर थेरेपी की जाएगी.

क्यों बढ़ रहे कैंसर के मामले

डॉ गिरि बताते हैं कि पर्यावरण में हो रहे बदलाव कैंसर के बढ़ने का बड़ा कारण है. अब प्रदूषण बढ़ रहा है जिससे फेफड़ों का कैंसर होता है. लोगों की लाइफस्टाइल और खानपान खराब होता जा रहा है, जो पेट, आंत और कई अलग- अलग तरीके के कैंसर का कारण है. ऐसे में लोगों को सलाह है कि खानपान का ध्यान रखें. डाइट में फल और हरी सब्जियों को शामिल करें और रोज एक्सरसाइज जरूर करें.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

source tv9 bharatvarsh


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