पवार ने कहा था, ‘जो मुद्दे सामने रखे गए, उन्हें किसने रखा, हमने कभी इन लोगों के बारे में नहीं सुना, जिन्होंने बयान दिया, (उनकी) पृष्ठभूमि क्या है? जब वे ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिससे देश में बवाल मचता है, तो उसकी कीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ती है। हम इन बातों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। यह मालूम पड़ता है कि ऐसा लक्षित करके किया जाता है।’
शरद पवार ने सोच समझकर कहा होगा
शुक्रवार रात को कल्याण में एक कार्यक्रम के बाद शिंदे ने कहा, ‘कांग्रेस ने अडाणी समूह में 20,000 करोड़ रुपये को लेकर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए आंदोलन शुरू किया है। यहां तक उद्धव ठाकरे ने भी लगातार इस मुद्दे पर बयान दिया है। अब पवार ने टिप्पणी की है, ऐसे में जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें उनकी टिप्पणी पर ध्यान देना चाहिए।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पवार बहुत वरिष्ठ नेता हैं और काफी अध्ययन के बाद ही उन्होंने कुछ बोला होगा, इसलिए जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। शिंदे कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पर निशाना साध रहे थे। जो महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में एनसीपी के साथ घटक दल हैं। एकनाथ शिंदे नीत सरकार से पहले महाराष्ट्र में एमवीए ही सत्तासीन था।
