• June 5, 2026 11:30 am

चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान ने पेश किया अनुकरणीय उदाहरण : मुख्यमंत्री

ByPrompt Times

Aug 27, 2020
चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान ने पेश किया अनुकरणीय उदाहरण : मुख्यमंत्री
Share More

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों के सामने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। निशुल्क जांच एवं दवा योजना तथा निरोगी राजस्थान अभियान जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों के बाद कोरोना महामारी से सफलतापूर्वक मुकाबले के लिए प्रदेश में गांव-ढाणी तक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में नव-स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों का निर्माण भी निर्धारित समयावधि में पूरा हो। 

गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 828 करोड रुपये की लागत से तैयार भीलवाडा एवं भरतपुर मेडिकल कॉलेज भवन तथा बीकानेर, उदयपुर एवं कोटा के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विस्तार से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।  समारोह में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष व र्धन और केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।  

जालौर, प्रतापगढ़ और राजसमन्द में भी स्वीकृत हों मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राजस्थान में दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में लागत बहुत अधिक आती है। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार राज्य को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए। हमने संकल्प लिया है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से आग्रह किया कि वे जालौर तथा प्रतापगढ़ में विषम परिस्थितियों को देखते हुए तथा राजसमन्द में निजी मेडिकल कॉलेज के नियम में शिथिलता प्रदान कर सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति दें। 

सिलिकोसिस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी बने कार्ययोजना
गहलोत ने कहा कि सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को राहत देने के लिए प्रदेश में नई पॉलिसी लाई गई है। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि वे इस घातक बीमारी के उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्ययोजना बनाएं।

75 में से 15 मेडिकल कॉलेज मिले राजस्थान को
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि केन्द्र सरकार ने तीसरे चरण में देश के पिछड़े जिलों में ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर 75 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया था। राजस्थान सरकार ने इस दिशा में तत्परता दिखाते हुए जल्द प्रस्ताव भेजे, जिसके चलते राजस्थान को सबसे ज्यादा 15 मेडिकल कॉलेज मिल सके। 

प्रदेश के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राजस्थान में कोरोना को लेकर बेहतरीन मेनेजमेंट किया गया। जुलाई एवं अगस्त माह में यहां मृत्युदर एक प्रतिशत से भी कम रही है। साथ ही रिकवरी रेट भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। 

चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं का संचालन पूर्व की भांति 75 अनुपात 25 के आधार पर ही किया जाए। 

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला, गृह रक्षा राज्यमंत्री भजनलाल जाटव, केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया सहित संबंधित सांसद, विधायक एवं केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यक्रम से जुड़े। 


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *