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राम बनाम न्याय: राहुल गांधी अपनी यात्रा से कितनी बड़ी सियासी लकीर खींच पाएंगे?

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28 दिसंबर 2023 ! भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब ‘मणिपुर से मुंबई’ तक ‘भारत न्याय यात्रा’ पर निकलने जा रहे हैं. कांग्रेस की यह यात्रा 14 जनवरी को शुरू होगी और 20 मार्च तक चलेगी. राहुल गांधी न्याय यात्रा पर उस समय निकल रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की मंदिर का उद्घाटन होने जा रहा है. पीएम मोदी 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं. देश ही नहीं बल्कि दुनिया की नजरें अयोध्या पर टिकी होंगी. गांव-गांव शहर-शहर हर तरफ सिर्फ राम मंदिर का जिक्र हो रहा होगा. बीजेपी राम मंदिर के बहाने 2024 के लोकसभा चुनाव का एजेंडा सेट कर रही होगी तो राहुल गांधी पूर्वोत्तर से पश्चिम भारत तक ‘न्याय’ का नारा बुलंद कर सियासी नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे होंगे.

अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर भारतीय राजनीति की धुरी रहा है. बीजेपी के दो सीटों से सत्ता के शिखर तक पहुंचने में भी राम मंदिर के मुद्दे का बड़ा योगदान रहा है और पार्टी की रणनीति है कि अयोध्या में जब भगवान श्रीराम का मंदिर बनकर तैयार हो रहा है तो उसके सहारे जीत की हैट्रिक लगाई जाए. बीजेपी 2024 के सियासी जंग को राम मंदिर के मुद्दे पर ही लड़ने का प्लान बनाया है. बीजेपी यह बताने में जुट गई है राम मंदिर के सपने को साकार करने के लिए उसने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. राम मंदिर के मुद्दे की मुखालफत करने का साहस किसी भी विपक्षी दल में नहीं रहा है. ऐसे में राहुल गांधी न्याय यात्रा पर निकल कर एक बड़ी सियासी लकीर खींचना चाहते हैं.

राहुल गांधी ने न्याय यात्रा के लिए मकर संक्रांति के दिन को चुना है, जिसके जरिए हिंदू भावनाओं का ख्याल रखने की कोशिश की है, यह कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. हिंदू धर्म में शुभ कार्य सूर्य उत्तरायण होने के बाद किए जाते हैं, जिसकी शुरुआत मकर संक्रांति से हो रही है. राहुल गांधी मणिपुर से मुंबई तक करीब 6200 किलोमीटर की यात्रा 67 दिनों में पूरी करेंगे. यह यात्रा 14 राज्यों (मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र) के 85 जिलों से होकर गुजरेगी.

राहुल गांधी लगाएंगे न्याय की गुहार

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने तीन मुद्दे उठाए थे. उन्होंने आर्थिक विषमता के मुद्दे को उठाया था, सामाजिक ध्रुवीकरण के खिलाफ आवाज आवाज उठाई थी और राजनीतिक तानाशाही, जो आज देश की हकीकत बन गई है. लेकिन, इस बार भारत न्याय यात्रा का मुद्दा आर्थिक न्याय, सामाजिक न्याय और राजनीतिक न्याय को उठाएंगे. कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी इस दौरान युवाओं, महिलाओं और हाशिए के लोगों से बात करेंगे. उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मकसद ‘सबके लिए न्याय’ है. राहुल गांधी महिलाओं, युवाओं और आम लोगों के लिए न्याय चाहते हैं. अभी सब कुछ अमीर लोगों के पास जा रहा है. ये यात्रा गरीब लोगों, युवा किसानों और महिलाओं की है. राहुल गांधी देश के लोगों के लिए न्याय की गुहार पूर्वोत्तर से पश्चिम भारत तक लगाते नजर आएंगे.

बीजेपी के हाथ में मंडल- कमंडल दोनों

दरअसल, पीएम मोदी के चेहरे को आगे करके बीजेपी ओबीसी वोटबैंक पर मजबूत पकड़ बना चुकी है. इतना ही नहीं 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में राम मंदिर की आधार शिला रखने के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी 22 जनवरी को रामलाल के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे हैं. इस तरह पीएम मोदी मंडल और कमंडल दोनों ही पालिटिक्स के साथ बैलेंस बनाकर चल रहे हैं. सरकार से लेकर संगठन तक में सामाजिक संतुलन साधे हुए हैं. पिछले दो लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत में दलित-ओबीसी वोटर की भूमिका अहम रही है. ओबीसी वोटों की ताकत को देखते हुए विपक्षी भी अब बीजेपी को घेरने के लिए सामाजिक न्याय का एजेंडा सेट कर रहे हैं.

सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष    


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