अक्टूबर 30 2023 ! इस जीत की जहाँ भारत में जबर्दस्त तारीफ़ हो रही है, वहीं पाकिस्तान के क्रिकेटर भी भारतीय टीम के प्रदर्शन की प्रशंसा करने से नहीं चूक रहे हैं.
मैच की शुरुआत भारत के टॉस हारने के साथ हुई पर कप्तान रोहित शर्मा यहाँ भी पॉजिटिव थे. उन्होंने कहा कि वो अगर टॉस जीतते तो भी पहले बल्लेबाज़ी ही करते.
उनका यह कहना बल्लेबाज़ी में भी दिखा. कुल 358 रन के इस मैच में अकेले ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ रहे रोहित के बल्ले से 87 रन आए पर टीम एक छोटा स्कोर ही खड़ा कर सकी.
मैच के बाद रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख़्तर ने कहा, “भारत की बैटिंग से तो डरना ही डरना था. अब स्थिति ये है कि उनकी बॉलिंग यूनिट से भी डरो. पता नहीं आगे कौन सी टीमें क्या करती हैं, यह देखना बहुत मज़ेदार होगा.”
भारतीय टीम की जीत पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम ने कहा, भारतीय टीम लगातार छह मैच जीत चुकी है. उसके इस दमदार प्रदर्शन को देखकर मुझे 1992 के वर्ल्ड कप की न्यूज़ीलैंड टीम याद आ गई.”
वे बोले, “आप देखेंगे इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम मैच के सभी डिपार्टमेंट में अपना पूरा नियंत्रण रख रही है. ठीक उसी तरह जिस तरह 1992 के वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड लगातार सात मैच जीता था.”
मैच के बाद रोहित शर्मा ने पिच के बारे में कहा, “यह देर तक टिक कर बल्लेबाज़ी करने वाली पिच थी.”
रोहित की बल्लेबाज़ी पर अकरम बोले, “यह विकेट बहुत अलग थी. इस पर बैटिंग करना आसान नहीं था. रोहित शर्मा 87 रनों की पारी खेले और आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व किया. राहुल के साथ 91 रनों की साझेदारी निभाई. जिस एक भारतीय बल्लेबाज़ (सूर्यकुमार यादव) ने इस वर्ल्ड कप में रन नहीं किए थे उन्होंने भी रन बनाए.”
ओस की वजह से आउटफ़ील्ड गीली हो रही थी और ऐसे में सटीक गेंदबाज़ी करना आसान नहीं था. लिहाजा यह छोटा स्कोर इंग्लैंड के नाम होना चाहिए था.
लेकिन इस टूर्नामेंट को वो जिस तरह खेल रहे हैं, उसका असर इस मैच में भी दिखा. दमदार गेंदबाज़ी करने के बावजूद जब बल्लेबाज़ करने पिच पर उतरे तो किसी एक ने भी लय नहीं पकड़ा.
जो रूट और बेन स्टोक्स जैसे मध्यक्रम के बल्लेबाज़ अपना ख़ाता तक नहीं खोल सके वहीं लियम लिविंग्सटन को छोड़ कर और कोई 17 रन भी नहीं बना सका.
इसकी वजह ये थी कि रोहित ने अपने गेंदबाज़ों को थकने नहीं दिया. उन्हें छोटे-छोटे स्पेल दिए और नियमित अंतराल पर गेंदबाज़ी परिवर्तन करते रहे.
कप्तान रोहित ने न केवल इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज़ को पिच पर जमने दिया बल्कि कोई बड़ी साझेदारी भी नहीं बनने दी.
टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री कहते हैं, “रोहित बहुत आसानी से गेंदबाज़ी में परिवर्तन करते हैं ताकि कोई बल्लेबाज़ पूरी तरह से लय में न आ सकें.”
कब किस गेंदबाज़ से गेंद करवाना है, यह रोहित को बख़ूबी पता है और इसके लिए उनके गेंदबाज़ों की परिपक्वता को भी श्रेय जाता है.
टी20 वर्ल्ड कप में जसप्रीत बुमराह की कमी खली थी. चोट से वापसी के बाद बुमराह ठीक उसी तरह की फ़ॉर्म में हैं, जैसी टीम को ज़रूरत थी. वहीं मोहम्मद शमी पिछले चार वनडे में 15 विकेट ले कर अपनी ज़ोरदार फ़ॉर्म का सबूत दे रहे हैं.
इस मैच में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी ने इस मैच में एक यादगार शुरुआत दी. दोनों ने अपनी नपी तुली उच्चकोटि की गेंदबाज़ी से सब का दिल जीत लिया.
बुमराह ने लगातार दो गेंदों पर मलान और रूट का विकेट लेकर इंग्लैंड को बैकफ़ुट पर धकेला. तो शमी ने अपनी पैनी गेंदों पर तीन बल्लेबाज़ों को बोल्ड करते हुए कुल चार विकेट लिए. बुमराह-शमी की जोड़ी ने इस मैच में सात बल्लेबाज़ों को पविलियन लौटाया.
रोहित शर्मा ने शमी को छठे ओवर में गेंद थमाई. शुरुआती दो गेंदों पर तीन रन बन गए पर इसके बाद अगली 28 गेंदों पर उन्होंने कहर बरपा दिया, केवल दो रन दिए और दो बल्लेबाज़ों को आउट कर इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी.
सोर्स :-“BBC न्यूज़ हिंदी”
