• June 9, 2026 1:31 am

शाह-सिंधिया-शिवराज और सुप्रिया… दिग्गजों से सजा है तीसरा चरण, जानें किसकी कितनी ताकत

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लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण की वोटिंग मंगलवार को है. इस चरण में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, असम, गुजरात और पश्चिम बंगाल सहित 13 राज्यों की 94 सीटों पर मतदान होना है. बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है. इस चरण में इन दोनों गठबंधन के साथ-साथ कांग्रेस और बीजेपी के दिग्गज नेताओं की भी अग्नि परीक्षा होनी है. इतना ही नहीं देश के कई राजनीतिक परिवारों का इम्तिहान भी है.

उत्तर प्रदेश में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव सहित मुलायम परिवार के तीन सदस्यों की परीक्षा तीसरे चरण में होनी है, तो महाराष्ट्र में शरद पवार के परिवार को भी अपना सियासी पावर दिखाना होगा. बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर मोदी सरकार के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मनसुख मंडाविया, विजय रूपाला और एसपी सिंह बघेल की साख दांव पर लगी है. इसके अलावा बीजेपी नेता और एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की परीक्षा होनी है. इस तरह तीसरे चरण की हाईप्रोफाइल सीट पर किसकी राह आसान है, तो किसको मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है?

अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर से गुजरात की गांधीनगर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं. पिछली बार इसी सीट से वो जीतकर सांसद बने थे, लेकिन इस बार उनका सामना कांग्रेस की प्रत्याशी सोनल पटेल से है. गांधीनगर सीट बीजेपी की मजबूत गढ़ मानी जाती है और अमित शाह के पहले लालकृष्ण आडवाणी यहां से सांसद चुने जाते रहे हैं. अमित शाह 2019 में पहली बार गांधीनगर सीट से लोकसभा चुनाव मैदान में उतरे थे और जीतकर सांसद बने थे. अब दूसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार अपने पुराने गढ़ गुना लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं. इस बार सिंधिया बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. तब वे चुनाव हार गए थे. बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर सिंधिया की इस बार कोशिश अपनी वापसी के लिए है. सिंधिया का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी यादवेंद्र सिंह यादव से है. यादवेंद्र यादव बीजेपी में थे और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में शामिल हुए थे.

मनसुख मांडविया

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया की अग्नि परीक्षा होनी है. मांडविया गुजरात की पोरबंदर संसदीय सीट से चुनावी मैदान में हैं और उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी ललित भाई वसोया से है. पोरबंदर लोकसभा सीट पर बीजेपी की मजबूत सीटों में से है और लगातार जीत दर्ज कर रही है, लेकिन इस बार कांटे की टक्कर मानी जा रही है.

एसपी सिंह बघेल

मोदी सरकार में मंत्री एसपी सिंह बघेल का इम्तिहान तीसरे चरण में होना है. एसपी बघेल दूसरी आगरा सुरक्षित सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं, तो सपा से सुरेश चंद्र कदम किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि बसपा से पूजा अमरोही ने उतरकर त्रिकोणीय बना दिया है. दलित बहुल इस सीट पर बसपा कभी चुनाव नहीं जीत सकी है, लेकिन दूसरे नंबर पर हमेशा रही है. इस बार पूजा अमरोही ने रोचक मुकाबला बना दिया है.

सुप्रिया सुले

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में शरद पवार के परिवार की अग्निपरीक्षा होनी है. शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले अपनी परंपरागत बारामती सीट से तीसरी बार उतरी हैं. सुले के सामने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार चुनाव लड़ रही हैं. एनसीपी में दो फाड़ होने के बाद शरद पवार और अजित पवार दो अलग गुटों में बंट गए हैं. ऐसे में सुप्रिया सुले अपनी सीट को बचाए रखने की चुनौती है.

शिवराज सिंह चौहान

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और प्रदेश बीजेपी के दिग्गज नेता शिवराज सिंह चौहान इस बार विदिशा लोकसभा सीट से मैदान में है. उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप भानु शर्मा से है. शिवराज सिंह 20 साल के बाद लोकसभा चुनाव मैदान में उतरे हैं. इससे पहले 2005 तक इस सीट से सांसद रहे हैं. बीजेपी ने अब उन्हें केंद्रीय राजनीति में लाने का फैसला किया है, तो विदिशा सीट पर फिर से उतारा है.

डिंपल यादव

मैनपुरी लोकसभा सीट पर मुलायम सिंह यादव की सियासी विरासत संभालने के लिए अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव चुनावी मैदान में हैं. इस सीट पर बीजेपी ने जयवीर सिंह को उतारा है, तो बसपा से शिव प्रसाद यादव किस्मत आजमा रहे हैं. 1996 से यह सीट सपा जीत रही है. मोदी लहर में भी यह सीट सपा जीतने में कामयाब रही. मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद उपचुनाव में डिंपल यादव मैदान में उतरी थीं और जीत दर्ज की थी. बीजेपी ने इस बार ठाकुर और बसपा ने यादव कार्ड खेलकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कवायद की है.

इसके साथ मुलायम परिवार के दो नेताओं का टेस्ट इसी चरण में होना है. बदायूं सीट से शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव और फिरोजाबाद सीट से रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव चुनावी मैदान में उतरे हैं. 2019 में सपा ने दोनों ही सीटों को गंवा दिया था, लेकिन इस बार कांटे की लड़ाई है. ऐसे में देखना है कि मुलायम परिवार क्या अपनी सीटें बचा पाता है?

दिग्विजय सिंह

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता राजगढ़ लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं. 1991 में दिग्विजय इस सीट से चुनावी मैदान में उतरकर भारी मतों से जीत दर्ज की थी. राजगढ़ उनकी परंपरागत सीट रही है, जिसके चलते कांग्रेस ने उतारा है. इस बार उनका मुकाबला बीजेपी के रोडमल नागर से है. मोदी लहर में बीजेपी ने इस सीट पर मजबूती से अपना कब्जा जमा रखा है, लेकिन दिग्विजय सिंह के उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

source tv9 bharatvarsh

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