• June 8, 2026 5:49 pm

इस पर पंचतंत्र कहानी के किरदार उकेरे; यह कॉइन न बाजार में चलेगा, न ही इसकी कोई कीमत

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4 अप्रैल 2022 | देश में पहली बार रंगीन सिक्का बनाया गया है। अपने आप में यूनिक इस सिक्के की खासियत है कि बाजार में इसकी न तो कोई कीमत है और न यह किसी दुकान या दूसरी जगह काम आएगा। इसे खरीदा है बीकानेर के एक सुधीर लुणावत ने।

सुधीर को ऐसे यूनिक कॉइन के कलेक्शन के लिए जाना जाता है। इनके पास विश्व के सबसे यूनिक नोट और कॉइन हैं। सुधीर कुछ दिनों पहले ही यह सिक्का खरीद कर लाए थे। दरअसल, इस सिक्के की खासियत यह है कि यह सोविनियर सिक्का है। इस पर पंचतंत्र की कहानी के किरदार को उकेरा गया है। 32 ग्राम वजन का यह सिक्का निकल और सिल्वर से बना है।

सिक्कों के कलेक्शन का रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में
बीकानेर के 36 साल के सुधीर को 25 साल से सिक्कों और अलग-अलग तरह के नोट कलेक्शन का शौक है। सुधीर के पास विश्व के सभी देश के कॉइन और करेंसी आसानी से मिल जाएंगी। सुधीर के पास मानव सभ्यता की शुरुआत से लेकर गुप्त काल ,मौर्य काल ,मुग़ल कालीन ,ब्रिटिश सिक्कों यूनिक कलेक्शन है। वह देश मे जारी होने वाले नए सिक्को की जानकारी सबसे पहले उपलब्ध करवाने के लिए प्रसिद्ध हैं। इस यूनिक कलेक्शन के लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है।

बीकानेर में ऐसे यूनिक कलेक्शन के क्लब भी
दरअसल, बीकानेर में सिक्कों व नोट का संग्रहण करने वाले अनेक लोग हैं। ये हर किसी नए सिक्के के साथ ही देश व विदेश के पुराने व ऐतिहासिक सिक्कों का संग्रह करते हैं। इन लोगों ने एक क्लब भी बनाया है, जिसमें हर नए सिक्के व उसकी उपलब्धता के बारे में जानकारी दी जाती है।

एक महीने पहले जारी किया गया था यह सिक्का
यह सिक्का बिना मूल्य का है, जो सोविनयर टोकन है। देश के लिए सिक्के और करेंसी नोट का निर्माण करने वाली संस्था भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCIL) के 17वें स्थापना दिवस के अवसर इसे लॉन्च किया गया थाा। इसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जारी किया था।

पंचतंत्र की कहानी बताता है सिक्का
नई पीढ़ी को सिक्कों के शौक की तरफ आकर्षित करने के मकसद से इन रंगीन सिक्कों पर एक तरफ पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी मूर्ख शेर और चतुर खरगोश के करेक्टर को उकेरा गया है। सिक्के के दूसरी तरफ SPMCIL का लोगो भी है। इसके ऊपर हिंदी तथा नीचे अंग्रेजी में भारत सरकार टकसाल कोलकाता लिखा गया है !

Source :- “दैनिक भास्कर”


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