12 सितंबर 2022 | जीरन में भू माफियाओं द्वारा शमशान घाट की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का मामला सामने आया है। करीब चार बीघा जमीन पर जीरन के ही दो भू माफियाओं ने राजस्व रिकार्ड दर्ज शासकीय व शमशान घाट की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। ब्राहृमण और राजपूत समाज का शमशान घाट है, यहां पर पुर्व में अंतिम संस्कार किया जाता था, लेकिन नए शमशानघाट बनने के बाद यहां पर अंतिम संस्कार की क्रिया बंद हो गई थी और उक्त जमीन रिक्त् पडी हुई थी, बीते तीन—चार वर्षों के दौरान पास के भूमि स्वामी ने अतिक्रमणकर शमशान के अस्तित्व को ही खत्म कर दिया है। इस मामले में सोमवार को कलेक्टर को शिकायत हुई है और भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ललित पिता कमल नागदा निवासी मोरखा ने जनहित में मामला उठाते हुए कलेक्टर डॉ मयंक अग्रवाल को की गई शिकायत में उल्लेख किया गया कि उजीरन नगर में स्थित शमशान की भूमि पर भू माफियाओं द्वारा कब्जा कर अतिक्रमण कर रखा है। पटवारी हल्का नंबर 12 में कुचडौद रोड हायर सेकंडरी स्कूल के सामने सर्वे नंबर 3335, रकबा 0.1050 हेक्टेयर मध्यप्रदेश शासन की है, इसी प्रकार सर्वे नंबर 3337 रकबा 0.1050 हेक्टेयर भूमि शमशान घाटकी राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। सर्वे नंबर 3335 की 0.1050 हेक्टेयर व सर्वे नंबर 3337 की 0.1050 हेक्टेयर भूमि पर जीरन के ज्ञानेदश पिता कृष्णकुमार पाटीदार ने अनाधिकृत रूप से कब्जा कर रखा है, बीते चार—पांच वर्ष पूर्व उक्त जमीन खुली पडी थी, जिसे समतल कर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। राजपूत समाज का श्मशान घाट सर्वे नंबर 3337 की 0.1050 हेक्टेयर जमीन है। इसी प्रकार अरनिया बोराना रोड जीरन में सर्वें नंबर 3324, रकबा 0.1570 हेक्टेयर शासकीय होकर राजस्व रिकार्ड में दर्ज है ओर एक महुआ का पेड उक्त जमीन पर दर्ज है। सर्वे नंबर 3325, रकबा 0.2300 हेक्टेयर जमीन शमशान घाट मध्यप्रदेश शासन के नाम से दर्ज है। ब्राहृमण समाज का शमशान घाट है। इन दोनों सर्वे नंबर पर अंकित उक्त जमीन पर जीरन के पंकज कुमार पिता रामदेव पूनि जाति तेली निवासी जीरन द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। पंकज कुूमार पुनि दबंग होकर प्रभावशाली व्यक्ति है, इसलिए स्थानीय प्रशासन द्वारा शासकीय व श्मशान की भूमि पर अवैध रूप से कब्जे पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं की गई है। दोनों भू माफियाओं से जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाई जाकर कार्रवाई की जावे।
Source:-” अर्जुन सिंह जायसवाल”
