10 नवम्बर 2021 | केन्द्र सरकार के पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद राजस्थान में पेट्रोल पर 6.35 रुपए लीटर और डीजल पर 12.69 रुपए लीटर की कमी हुई। केन्द्र सरकार ने राज्यों को वैट कम कर जनता को राहत देने की अपील की है। केन्द्र सरकार से केन्द्रीय पूल की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और विशेष एक्साइज ड्यूटी को और कम करने को कह दिया। सियासत गरमाने के बाद आखिरकार सीएम ने तेल के दाम घटाने के संकेत दिए हैं।
तेल के दामों को लेकर जारी सियासत के बीच यह समझना जरूरी है कि कौन कितना टैक्स वसूल रहा है। इससे आमजन पर कितना बोझ पड़ रहा है और सरकार को कितना राजस्व मिल रहा है। दैनिक भास्कर ने राजस्थान में उदाहरण के तौर पर सरदारशहर इलाके में पेट्रोल-डीजल पर केन्द्र और राज्य के टैक्स का गणित समझा, तो 10 चौंकाने वाली बातें निकलकर सामने आई हैं।
1. टैक्स की लड़ाई में कहां हो रही चालाकी ?
केन्द्र के एक्साइज ड्यूटी घटाने से राजस्थान में पेट्रोल पर वैट में 1 रुपए 80 पैसे और डीजल पर 2 रुपए 60 पैसे की कमी हो गई। यह कटौती बेसिक एक्साइज ड्यूटी में की है। रेट कम करने का क्रेडिट केन्द्र सरकार को मिल रहा है। वास्तव में इससे राज्य सरकार का रेवेन्यू भी इससे घटा है।
2. केन्द्र और राज्य की खींचतान से आम जनता को क्या नुकसान ?
डीजल पर केन्द्र का टैक्स राजस्थान सरकार से 63 पैसे प्रति लीटर ज्यादा है। पेट्रोल पर राजस्थान सरकार का टैक्स केन्द्र के मुकाबले 2.75 रुपए प्रति लीटर ज्यादा है। जबकि दूसरे राज्यों के मुकाबले राजस्थान में पेट्रोल-डीजल काफी महंगा मिल रहा है।
3. डीजल पर केन्द्र-राज्य सरकार का टैक्स 43.87 रुपए
डीजल की बिक्री रेट 98.12 रुपए में से केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर 43.87 रुपए प्रति लीटर टैक्स वसूल रही हैं, जबकि इसकी कम्पनी प्राइस 54.25 रुपए लीटर ही है।
4. पेट्रोल पर केन्द्र-राज्य सरकार का टैक्स 59.61 रुपए
पेट्रोल की बिक्री रेट 113.76 रुपए लीटर में केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर 59.61 रुपए जनता से टैक्स वसूल रही हैं। जबकि पेट्रोल की कम्पनी प्राइस 54.15 रुपए प्रति लीटर है।
5. 2020 में राजस्थान सरकार ने पेट्रोल पर 12, डीजल पर 10 फीसदी बढ़ाया था वैट
राजस्थान सरकार ने 2020 में पेट्रोल पर 12 फीसदी और डीजल पर 10 फीसदी वैट स्टेप बाय स्टेप बढ़ाया था, जिसे 2021 में 2 फीसदी घटाया। फिलहाल राजस्थान में देश में सबसे ज्यादा पेट्रोल पर 36 फीसदी और डीजल पर 26 फीसदी वैट है। इस कारण यहां सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल है।
6. केन्द्र से राज्यों को मिलने वाले टैक्स में आई कमी
केन्द्र ने 2014 के बाद से लगातार पेट्रोल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी 6 से बढ़ाकर 11 रुपए लीटर, डीजल पर 0 से बढ़ाकर 8 रुपए लीटर की है। पेट्रोल पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी 2 से बढ़ाकर 18 रुपए, डीजल पर 2 से बढ़ाकर 18 रुपए लीटर 2014 के बाद से की है। केन्द्रीय बजट 2021 में नया एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेस 2.5 रुपए लीटर पेट्रोल और 4 रुपए लीटर डीजल पर लगाया है। इस बढ़ोतरी का फायदा केवल केन्द्रीय रेवेन्यू को मिला, जबकि डिविजिबल पूल में बेसिक एक्साइज ड्यूटी में लगातार कमी आई। इससे राज्यों को मिलने वाले टैक्स के हिस्से में कमी हुई है।
7. जीएसटी में से राज्य का कितना अंशदान केन्द्र सरकार पर है बकाया ?
केन्द्र सरकार पर राजस्थान सरकार के जीएसटी रिफिलिंग के 5963 करोड़ रुपए बकाया है।
8. राज्य सरकार खुद क्यों कम नहीं करना चाहती वैट ?
केन्द्र के एक्साइज घटाने से और पहले राज्य के पेट्रोलियम पर 2 फीसदी वैट खुद घटाने से प्रदेश पर 2800 करोड़ रुपए सालाना का रेवेन्यू नुकसान हो रहा है। वैट और घटाया तो कर्ज चुकाने के लिए आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
9. भारी कर्जे में डूबी है राजस्थान सरकार
राजस्थान सरकार ने बीते ढाई साल में 1 लाख करोड़ के करीब कर्ज लिया है। राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ के पार है। हर व्यक्ति पर 51,888 रुपए का कर्ज हो चुका है। सरकार सालाना 25 हजार करोड़ रुपए तो ब्याज ही भर रही है।
10. केंद्रीय करों में राजस्थान की हिस्सा राशि 14 हजार करोड़ कम हुई
साल 2020-21 में केन्द्रीय टैक्सेज में राजस्थान की हिस्सा राशि 14 हजार करोड़ कम हुई है। केन्द्र सरकार ने पिछले कुछ सालों में फंडिंग पैटर्न भी बदले हैं, जिससे केन्द्र के प्रोजेक्ट्स में राज्यों को आधा पैसा लगाना पड़ रहा है, जोकि पहले 90-10 का रेश्यो होता था। इससे भी राज्य की कमर आर्थिक तौर पर टूटी है।
पेट्रोल-डीजल रेट का एनालिसिस
सरदार शहर में पेट्रोल और डीजल की रेट का एनालिसिस किया गया। इसमें पता चला कि डीजल की बिक्री रेट 98.12 रुपए में केन्द्र और राज्य सरकार का टैक्स ही 43.87 रुपए है। पेट्रोल की बिक्री रेट 113.76 रुपए में से केन्द्र और राज्य का टैक्स 59.61 रुपए है। यानी केन्द्र और राज्य की सरकारें दोनों ही बड़े लेवल पर टैक्स वसूली कर रही हैं।
सरदार शहर में डीजल 98.12 रुपए लीटर- टैक्स का गणित
| डीजल पर टैक्स | टैक्स रुपए में (प्रति लीटर) |
| डीजल का बेस प्राइस | 49.33 |
| एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) | 21.80 |
| डिलीवरी ट्रांसपोर्टेशन चार्ज | 2.31 |
| वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) | 19.29 |
| रोड सेस | 1.75 |
| डीलर कमीशन | 2.25 |
| वैट डीलर कमीशन | 0.58 |
| एल.एफ.आर.(लाइसेंस रिकवरी फीस) | 0.36 |
| 18 फीसदी जीएसटी एलएफआर | 0.17 |
| टीसीएस (टैक्स कलेक्शन एट सोर्स) | 0.28 |
| डीजल की कुल बिक्री रेट | 98.12 |
डीजल पर केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर वसूल रहीं 43.87 रुपए प्रति लीटर
डीजल पर केन्द्र सरकार 22.25 रुपए और राजस्थान सरकार 21.62 रुपए टैक्स लेती है। दोनों मिलाकर डीजल पर 43.87 रुपए जनता से वसूल रही हैं।
| डीजल पर केन्द्र सरकार के टैक्स (रु.प्र.ली.) | डीजल पर राजस्थान सरकार के टैक्स (रु.प्र.ली.) |
| एक्साइस ड्यूटी या सेस- 21.80 | वैट-19.29 |
| 18 फीसदी जीएसटी एलएफआर- 0.17 | रोड सेस- 1.75 |
| टीसीएस- 0.28 | वैट डीलर कमीशन- 0.58 |
| कुल-22.25 रुपए | कुल- 21.62 |
डीजल पर केन्द्र का टैक्स राजस्थान से 63 पैसे प्रति लीटर ज्यादा
डीजल पर केन्द्र सरकार कुल 22.25 रुपए और राजस्थान सरकार कुल 21.62 रुपए टैक्स वसूल रही है। डीजल पर केन्द्र सरकार का टैक्स राजस्थान सरकार से 63 पैसे प्रति लीटर ज्यादा है।
| जनता पर डीजल के कुल टैक्स की मार | रुपए प्रति लीटर |
| डीजल पर केन्द्र और राज्य सरकार का कुल टैक्स | 43.87 |
| डीजल पर राज्य से ज्यादा केन्द्र सरकार का टैक्स | 63 |
सरदारशहर में पेट्रोल 113.76 रुपए लीटर-टैक्स का गणित
| पेट्रोल पर टैक्स | टैक्स रुपए में (प्रति लीटर) |
| पेट्रोल का बेस प्राइस | 47.91 |
| एक्साइज ड्यूटी | 27.90 |
| डिलीवरी ट्रांसपोर्टेशन चार्ज | 2.51 |
| वैट | 28.39 |
| रोड सेस | 1.50 |
| डीलर कमीशन | 3.50 |
| वैट डीलर कमीशन | 1.29 |
| एल.एफ.आर. | 0.20 |
| 18 फीसदी जीएसटी एलएफआर | .08 |
| टीसीएस | 0.45 |
| पेट्रोल की कुल बिक्री रेट | 113.76 |
पेट्रोल पर केन्द्र सरकार 28.43 रुपए,राजस्थान सरकार 31.18 रुपए वसूलती है। दोनों मिलाकर 1 लीटर पर 59.61 रुपए टैक्स वसूलती हैं।
राजस्थान सरकार के रेवेन्यू जनरेशन में वैट का है बड़ा रोल
हर साल वैट से राजस्थान सरकार की कमाई बढ़ी है। 2018-19 में राजस्थान की कमाई 11700 करोड़ रुपए के करीब रही। 2019-20 में यह बढ़कर 12100 करोड़ हो गई।जबकि 2020-21 में यह और बढ़कर 13500 करोड़ के लगभग हो गई।
| हर साल वैट से यूं बढ़ी राजस्थान की कमाई | करोड़ रुपए में(लगभग) |
| 2018-19 | 11700 |
| 2019-20 | 12100 |
| 2020-21 | 13500 |
राजस्थान सरकार ने 1 जनवरी 2020 से 8 मई 2020 तक पेट्रोल पर 12 फीसदी वैट बढ़ाकर 26 से 38 फीसदी पहुंचा दिया था। 29 जनवरी 2021 को 2 फीसदी वैट घटाया, तब से पेट्रोल पर वैट 36 फीसदी।
राजस्थान सरकार ने 1 जनवरी 2020 से 8 मई 2020 तक डीजल पर 10 फीसदी वैट बढ़ाकर 18 से 28 फीसदी पहुंचा दिया था। 29 जनवरी 2021 को 2 फीसदी वैट घटाया, तब से डीजल पर वैट 26 फीसदी।
Source :-“दैनिक भास्कर”
