26-फरवरी-2022 |भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) नई दिल्ली की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा परियोजना दुर्ग जिले सहित छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से होकर गुजरेगी। इसके तहत प्राकृतिक गैस सप्लाई की पाइपलाइन बिछाई जानी है। दुर्ग के ननकट्ठी, अंजोरा ढाबा, बोड़ेगांव, टेमरी सहित 17 गांव से करीब 38.76 किलोमीटर की यह पाइपलाइन गुजरेगी। 500 से ज्यादा किसानों की जमीन इससे प्रभावित हो रही है।
जमीन के अधिग्रहण को लेकर भारत के राजपत्र में 11 फरवरी को अधिसूचना भी प्रकाशित कर दी गई है। इसके साथ ही जमीन के सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 21 दिन की प्रारंभिक आपत्ति भी बुलाई गई है। जिले में अपने तरह का यह पहला प्रोजेक्ट है, जब प्राकृतिक गैस सप्लाई की पाइपलाइन गुजारने की तैयारी है।
भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 26 से 30 के तहत मुआवजा दिया जाएगा। इसमें जमीन के बाजार मूल्य के आधार मूल्यांकन कर दोगुना राशि दी जाएगी। इसके अलावा परिसंपत्तियों का आकलन किया जाएगा। इसे जोड़कर दोगुना सोलेशियम (मानसिक कष्ट) के रूप में जारी किया जाएगा।
प्राकृतिक गैस का उपयोग इन कार्यों के लिए
प्राकृतिक गैस का उपयोग को लेकर भी भारत सरकार ने गाइडलाइन तय की है। इसमें खाद निर्माण, बिजली बनाने, नगर गैस वितरण में घरेलू गैस, वाहनों और कारखानों में भी ईंधन के रूप में उपयोग किया जा सकेगा।
बेमेतरा जिले की 17.97 किलोमीटर जमीन का भी
प्रोजेक्ट के तहत बेमेतरा जिले के बेमेतरा और बेरला तहसील के ग्राम कोहड़िया, गुधेली, पिरदा, गबदा, सिलघट, भिंभौरी एवं ढाबा की भूमि प्रभावित हो रही है, जिसमें 17.974 किमी पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जाना है। उक्त ग्रामों में जमीन के अधिग्रहण को लेकर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
मुंबई से झारसुगुड़ा तक 1405 किमी बिछेगी लाइन
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मुंबई से नागपुर के रास्ते झारसुगुड़ा तक करीब 1405 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है। गेल मई 2023 तक मुंबई से नागपुर के लिए 700 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर लेगी, जिससे मध्य भारत में भी गैस की सप्लाई हो सकेगी।
शासन से जैसे निर्देश मिलेंगे वैसा काम होगा
इसे लेकर शासन से एक पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र का अवलोकन किया जा रहा है। शासन से जैसे निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी अधिसूचना प्रकाशन के संदर्भ में ही अवगत कराया गया है। -विनय पोय्याम, एसडीएम दुर्ग
Source ”दैनिक भास्कर
