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राष्ट्रपति ने सुनी महिलाओं के हौसले की कहानी, हरियाणा की बेटियों को सराहा

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02 दिसंबर 2022 |  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को हरियाणा की आशा कार्यकर्ताओं, डॉक्टरों और महिला खिलाड़ियों के साथ बातचीत की। सभी के हौसले की कहानी सुनी और अपने-अपने क्षेत्र में उनके अनुभवों के बारे में जाना और बेटियों को सशक्त बनाने पर जोर दिया। राजभवन में संवाद कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री मनोहर लाल मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की टीम में प्रतिष्ठित महिला खिलाड़ियों को शामिल किया जाए। टीम किसी भी परिवार को जागरूक करने जाए तो उसके सदस्य खिलाड़ी से मिलें और जानें कि बेटियां बुलंदियां छू रही हैं।

राष्ट्रपति ने पूरे देश के लिए महिला सशक्तीकरण का बेहतरीन उदाहरण पेश करने के लिए हरियाणा की बेटियों  की जमकर तारीफ की। कहा, हरियाणा की बेटियों ने जिस तरह खेल के क्षेत्र में वैश्विक पटल पर अपने परिवार और राज्य का गौरव बढ़ाया है, वह महिला सशक्तीकरण का बेहतरीन उदाहरण है।

राष्ट्रपति ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए हरियाणा सरकार की प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि राज्य इस तरह के क्रांतिकारी कदम उठाकर राज्य की बेटियों का मनोबल बढ़ाता रहेगा। उन्होंने कहा कि बेटियों को समाज और देश के लिए सशक्त होना चाहिए। बेटियां शक्ति की प्रतिमूर्ति होती हैं।

हर परिवार को बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने में सहयोग करना चाहिए ताकि वे सशक्त बनें और हर क्षेत्र में अपना योगदान बढ़ाती रहें। स्त्री-पुरुष साथ चलेंगे तो परिवार, समाज और देश की उन्नति होगी। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अपने जीवन में अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह परिवार, समाज और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे बालिकाओं का पोषण करें और उन्हें सशक्त बनाएं।

मानसिकता बदली, अब परिवार बेटी के जन्म पर मनाता है जश्न
हरियाणा के सीएम ने कहा कि लोगों की मानसिकता बदल गई है और वे अब बेटियों के जन्म का जश्न मनाते हैं। अब परिवार अपनी बेटियों को शिक्षित करने और हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करते हैं। सीएम ने कहा कि आज हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उनके परिवारों के साथ हरियाणा सरकार भी बेटियों की मदद कर रही है ताकि वे जीवन में नई ऊंचाई हासिल कर अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें। कार्यक्रम के अंत में, राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि महिलाओं में कितनी ऊर्जा है और उन्होंने जोर दिया, यह ऊर्जा एक परिवार के भीतर सीमित नहीं रहनी चाहिए।

आशा वर्कर बोली- गर्भपात कराने से रोका, आज उनकी बेटी सात साल की
कार्यक्रम के दौरान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ी अंबाला की एक आशा कार्यकर्ता ने अवैध लिंग निर्धारण परीक्षणों के खिलाफ अभियान के बारे में अपने अनुभव साझा किए। बताया कहा कि वह अवैध लिंग निर्धारण परीक्षणों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ 19 जगह छापे की कार्रवाई में शामिल रही हैं। उसने बताया कि कैसे अपने पड़ोसी को लिंग निर्धारण परीक्षण से गुजरने के बाद गर्भपात कराने से रोका।

आशा कार्यकर्ता ने कहा कि लड़की अब सात साल की है और परिवार उसकी अच्छी तरह से देखभाल कर रहा है। राष्ट्रपति ने आशा कार्यकर्ता से पूछा कि क्या उन्हें रात में काम के लिए बाहर जाने पर अपने परिवार से समर्थन मिलता है। कार्यकर्ता ने जवाब दिया कि उन्हें अपने परिवार से पूरा समर्थन मिलता है, क्योंकि वे जानते हैं कि वह लड़कियों की जान बचाने का काम कर रही हैं।

राष्ट्रपति से मिलने के लिए हरियाणा की आशा वर्कर और महिला खिलाड़ियों का एक दल हरियाणा राजभवन में बुलाया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी उपस्थित रहे। झज्जर में तैनात सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) कार्यकर्ता ने कहा कि उसने लिंग निर्धारण परीक्षणों के खिलाफ डिकॉय ऑपरेशन (एक तरह का ट्रैप) में काम किया था और 10 व्यक्तियों और एक नर्स की गिरफ्तारी में मदद की थी।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करमजीत कौर ने कहा कि 2015 में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू होने के बाद कई जागरूकता अभियान और रैलियां की गईं। उन्होंने कहा कि यमुनानगर जिले में लिंग अनुपात 818 से बढ़कर प्रति 1,000 पुरुषों पर 938 महिला हो गया है।

महिला पर्वतरोही अनीता कुंडू से मिलीं
राष्ट्रपति ने देश का नाम रोशन करने वाली हरियाणा की महिला खिलाड़ियों से भी बात की। उनके सामने माउंट एवरेस्ट और सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तीन बार तिरंगा फहराने वालीं हिसार की महिला पर्वतारोही अनीता कुंडू ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए और कहा कि वह ट्रैक्टर चलाती हैं और खेती करती हैं। उसने बताया कि कैसे मां ने पिता की मृत्यु के बाद मेरा समर्थन किया।

पूजा सिहाग ने बताया मां से मिली प्रेरणा
2022 राष्ट्रमंडल खेलों में महिला फ्रीस्टाइल 76 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक विजेता पूजा सिहाग ने कहा कि यह उनके पिता का सपना था कि वह एक खिलाड़ी बने। पूजा ने यह भी कहा कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी मां ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस पर राष्ट्र्रपति ने कहा कि एक मां में कितनी ताकत होती है, इसे समाज को हमेशा बताना चाहिए।

बेटी बचाओ अभियान में महिला खिलाड़ियों के परिवार को जोड़ें
राष्ट्रपति ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जब भी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की कोई टीम किसी परिवार को जागरूक करने के लिए आए तो यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे परिवार प्रतिष्ठित महिला खिलाड़ियों से मिलें ताकि उन्हें बताया जा सके। बेटियों को बोझ नहीं, शान समझते हैं।

सोर्स :-“अमर उजाला

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