आजीवन विद्यार्थी बने रहकर ज्ञान संपदा को निरंतर समृद्ध बनाए रखे युवाः राज्यपाल
गुजरात

आजीवन विद्यार्थी बने रहकर ज्ञान संपदा को निरंतर समृद्ध बनाए रखे युवाः राज्यपाल

  • विकास के मार्ग पर अग्रसर गुजरात में हर क्षेत्र में कुशल और ज्ञान से युक्त युवाधन की जरूरतः मुख्यमंत्री

गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय (जीटीयू) के दसवें दीक्षांत समारोह के अवसर पर उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को शुभकामना देते हुए गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि छात्र इस उपाधि की सार्थकता को मानवीय दृष्टिकोण के साथ राष्ट्र विकास के पुरुषार्थ के जरिए सिद्ध करें। उन्होंने कहा कि तकनीक के वर्तमान दौर में समाज को निपुण युवाधन की प्रतीक्षा है, तब भारतीय प्राचीन ज्ञान परंपरा के संस्कारों के साथ आधुनिक शिक्षा के समन्वय से छात्र श्रेष्ठ सफलता हासिल कर सकेंगे।

राज्यपाल ने गुजरात के व्यापक विकास का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अविरत मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में गुजरात राज्य आज देशभर में विकास का अनूठा मॉडल बन रहा है। ऐसे में, कुशल युवाधन गुजरात की इस विकास यात्रा में नया जोश भरेगा। उन्होंने दया, करुणा, सहिष्णुता और भलाई के मार्ग पर चलकर राष्ट्र कल्याण के लक्ष्य को हासिल करने का आग्रह किया। राज्यपाल ने युवाओं को आजीवन विद्यार्थी बने रहने और ज्ञान संपदा को निरंतर समृद्ध बनाने का आह्वान भी किया।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि राज्य के सामान्य परिवार की संतानों को स्थानीय स्तर पर ही श्रेष्ठ शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में जीटीयू की स्थापना की थी। गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब गुजरात के युवाओं को मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भारी-भरकम डोनेशन देकर राज्य के बाहर पढ़ने जाना पड़ता था। आज स्थिति बदल चुकी है, समग्र भारत में गुजरात एजुकेशन हब के तौर पर स्थापित हो चुका है। उन्होंने कहा कि गुजरात की स्थापना के बाद 35 वर्षों तक राज्य में केवल 7 विश्वविद्यालय थे, जबकि आज यह आंकड़ा 77 सेक्टर स्पेसिफिक विश्वविद्यालय तक पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो-ढाई दशक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने गुजरात में तकनीक शिक्षा क्षेत्र को अधिक महत्व दिया है। गुजरात में 1995 में सिर्फ 20 डिग्री इंजीनियरिंग कॉलेज थे, जो आज बढ़कर 242 हो गए हैं। वहीं, 2295 डिग्री-इंजीनियरिंग सीटों की संख्या आज बढ़कर 81,586 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि गुजरात में 1995 में केवल 9 डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेज थे, जो आज बढ़कर 164 हो गए हैं जबकि सीटों की संख्या 6020 से बढ़कर आज 75,753 हो गई है। रूपाणी ने कहा कि जीटीयू से शिक्षित छात्रों का कौशल राष्ट्र निर्माण में काम आएगा। राज्य के युवाओं को पर्याप्त अवसर उपलब्ध मिल, उस प्रकार राज्य में शिक्षा और रोजगार सृजन के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि गुजरात में वल्लभी शिक्षा युग वापस लाने की शुरुआत हो चुकी है। जीटीयू में 900 विदेशी छात्र पढ़कर पास हुए हैं। गुजरात में 10 हजार विदेशी छात्र अध्ययनरत हैं। स्टडी इन गुजरात अभियान के जरिए और भी विदेशी छात्रों के पढ़ाई के लिए गुजरात में आने की उम्मीद उन्होंने जताई। मुख्यमंत्री ने छात्रों से आजीवन विद्यार्थी रहने का सुझाव देते हुए कहा कि आने वाला समय गुजरात का समय है, तब राज्य के युवा नई चुनौतियों का सामना करते हुए नए विचारों से लैस बनें। उन्होंने युवाओं को पेटेन्ट से प्रोडक्शन, इमेजिनेशन से इनोवेशन तक यात्रा कर जॉब सीकर से जॉब गिवर बनने का आह्वान किया।

गुजरात की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मामले में पूरे देश में सर्वाधिक 52 फीसदी हिस्सेदारी के साथ गुजरात अव्वल है। देश के बनने वाली कुल कार में से 21 फीसदी कारों का निर्माण गुजरात में होता है। देश का 40 फीसदी कार्गो गुजरात हैंडल करता है। कृषि क्षेत्र हो या वाहन उत्पादन क्षेत्र गुजरात में व्यापक कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के मार्ग पर अग्रसर गुजरात में हर क्षेत्र में कुशल और ज्ञान से युक्त युवाधन की जरूरत है। सरकार इसके लिए स्पीड, स्केल और सेंसिटिविटी से कार्य कर रही है। उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने छात्रों को ‘निर्माणों के पावन युग में चरित्र निर्माण न भूलें, स्वार्थ साधना की आंधी में वसुधा का कल्याण न भूलें’ का मंत्र देते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित किया।

  • हैकाथॉन प्रतिस्पर्धा आयोजित कर युवाओं को ज्यादा सक्षम बनाने का सरकार का लक्ष्यः शिक्षा मंत्री


शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा ने जीटीयू कैम्पस में निदर्शित स्टूडेंट स्टार्टअप का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्टार्टअप राज्य के युवाओं की शक्ति और सामर्थ्य को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी का निर्माण करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य है। चूड़ास्मा ने कहा कि स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन सेंटर फिलहाल राज्य के 30 विश्वविद्यालयों में कार्यरत है। फरवरी माह के अंत तक राज्य के सभी 77 विश्वविद्यालयों में यह कार्यरत हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रतिवर्ष अप्रैल महीने में हैकाथॉन आयोजित की जाती है। इससे पहले राज्य स्तर पर विश्वविद्यालयों के बीच हैकाथॉन प्रतिस्पर्धा आयोजित कर युवाओं को ज्यादा सक्षम बनाने का सरकार का लक्ष्य है। शिक्षा मंत्री ने छात्रों से इनोवेटर और क्रिएटिव बनने का आह्वान करते हुए कहा कि दीए जैसी सामान्य वस्तु के लिए चीन पर निर्भर रहना उचित नहीं है। अब, हमें आत्मनिर्भर गुजरात-आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रयाण करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज के युवा इस स्वप्न को जल्द साकार करेंगे।

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