अक्टूबर 11 2023 ! गाजा पट्टी से बीते शनिवार की सुबह जब आतंकी संगठन हमास ने इजराइल पर अचानक रॉकेट दागने शुरू किए, तो लोगों को कुछ समझ में ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है. वे बस अपनी जान बचाने के लिए बच्चों को लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर दौड़ पड़े. हमास के क्रूर हमलों में कई निर्दोष लोगों की जानें चली गईं. हालांकि, इस दौरान कुछ लोगों ने अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जान भी बचाई. अशदोद के 26 वर्षीय यानिव सरुदी उनमें से ही एक हैं, जिन्होंने आठ लोगों की जान बचाने के लिए खुद अपनी जान गंवा दी. आइए जानते हैं इस रियल लाइफ हीरो की कहानी.
यानिव सरुदी की वीरता की कहानी तब शुरू हुई, जब वे खुद असाधारण परिस्थितियों में फंस गए. लेकिन अटूट बहादुरी और निस्वार्थता का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने आठ लोगों की जान बचाने के लिए एक खतरनाक मिशन को अंजाम दिया. वे आतंकियों की नजरों के सामने से उन सभी लोगों को एक छोटी-सी कार में बैठाकर निकल पड़े.
सरुदी पर हमास की गोलियों की बौछार हो रही थी. लेकिन सरुदी ने हिम्मत नहीं हारी. आखिरकार दो भीषण घंटों के बाद उनके दृढ़ संकल्प को फल मिला, जब इजराइली सेना उनके करीब पहुंची. लेकिन इस दौरान आतंकियों की गोलियों से सरुदी गंभीर रूप से जख्मी हो गए. उन्होंने आठ लोगों की जानें तो बचा लीं, लेकिन खुद जिंदगी की जंग हार गए. घाव के कारण उन्होंने मिशन खत्म होते ही दम तोड़ दिया.
हमास के आतंकियों ने शनिवार की सुबह बड़े पैमाने पर जनहानि करने के इरादे से किबुत्ज रीम के पास सुक्कोट फेस्ट पर हमला किया, जिसमें मौजूद हजारों युवाओं को निशाना बनाया गया. यह उनके शुरुआती टारगेट में से एक था, जो हमले की क्रूरता को उजागर करता है.
इसके बाद इजराइली सरकार ने फिलिस्तीन के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया. इजराइल का मकसद सिर्फ हमास को कमजोर करना है. लेकिन गाजा पट्टी में आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए देश के नागरिकों के मद्देनजर इजराइल के लिए यह मिशन थोड़ा मुश्किल हो गया है.
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष “
