अक्टूबर 18 2023 ! हमारे देश में कई सारे साधु संत बाबा हैं जो अपनी तपस्या में लीन रहते है वो हमेशा भगवन को प्रसन्न करने के लिए कड़ी तपस्या करते रहते है. साधु संत अपने जपतप को पूर्ण करने के आखिरी पड़ाव तक कठिन से कठिन तपस्या करते है. वैसे तो देशभर के कई साधु संत कई प्रकार के जप-तप करते हैं. कोई धूना तपस्या करते है तो कई अन्न जल त्याग देते हैं. साधुओं को विशेष और कठिन परिस्थितियों से होकर गुजरना पड़ता है. ऐसे ही कोटा में एक महात्मा है जो की 24 घंटे खड़े रहकर तपस्या करते हैं.
महंत आस्तिक गिरी खड़ेश्वरी महाराज ने बताया कि मनुष्य, जीव, जंतु के जनकल्याण के लिए यह तपस्या शुरू की है. 2005 में तपस्या करने का प्रण लिया था तब से लेकर अब तक लगातार 24 घंटे खड़े रहकर अपने नित्य दैनिक दिनचर्या का निर्वहन करते रहते हैं. सहारे के लिए एक झूले का आकार का बनाया हुआ है जिसके सहारे पूरा दिन खड़े रहते हैं. जमीन पर ना ही बैठते हैं और ना ही सोते हैं. खड़े-खड़े ही सोते हैं वैसे तो बहुत कम नींद आती है बीच में एक बार जब स्वास्थ्य सही नहीं था तब अस्पताल में हुए थे एडमिट कुछ दिनों के लिए बेड रेस्ट पर थे उसके बाद दोबारा से अपनी यही तपस्या शुरू कर दी.
