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दुश्मनों पर काल बनकर टूटेगा सेना का ये ‘राइफल मैन’, तकनीक भी है स्वदेशी

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18जनवरी 2024
Indian Army Rifleman drone: युद्ध में पारंपरिक हथियारों के साथ अब तकनीक की ज्यादा से ज्यादा मदद ली जा रही है. बीते एक दशक में अन आर्म्ड व्हीकल्स (UAV) यानी ड्रोन भी दुश्मनों का काल बनकर नए रूप में सामने आए हैं. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों को ढेर करने से लेकर पाकिस्तान-चीन सीमा पर मौजूद सैन्य चौकियों की निगरानी के लिए ड्रोन्स का इस्तेमाल हो रहा है. तकनीक के जरिए दुश्मनों के नापाक इरादों को पढ़ने और देश के दुश्मनों को मार गिराने के लिए भारतीय सेना (Indian Army) ने स्वदेशी तकनीक से ‘रायफल मैन’ ड्रोन बनाया है. जो सामान ढोने के साथ दुश्मनों पर ताबड़तोड़ गोलियां और हैंड ग्रेनेड भी बरसा सकता है.

सेना ने इस रायफैल मैन ड्रोन को ओक्टोकोप्टर नाम दिया है. भारतीय सेना ने इसे अपनी जरूरतों का ध्यान रखते हुए इसे  स्वदेशी तकनीक से खुद डिजाइन किया है.

यूएवी यानी अनआर्म्ड व्हीकल का चलन दुनियाभर में बढ़ा है. पाकिस्तान इन ड्रोन्स का इस्तेमाल भारत के कश्मीर में हथियार गिराने और पंजाब में नशे की खेप गिराने में कर रहा है तो भारत अपनी ड्रोन तकनीक से अपना सुरक्षा कवच बनाने के बाद अब अपने घातक ड्रोन्स से दुश्मनों का खात्मा करने की तैयारी में है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी खास मकसद से सेना ने जो ड्रोन डिजाइन किया. उसका परीक्षण कामयाब रहा है.

इस ऑक्टोकॉप्टर की एक और यूएसपी की बात करें तो इसमें ऐसा प्लेटफार्म फिट किया गया है जो असाल्ट राइफल चला सकता है. इसी लिए इसे रायफल मैन कहा जा रहा है. दुश्मनों पर गोली चलाने के लिए यूएवी का पायलट कंट्रोल रूम से ही कमांड दे सकता है. इसमें ग्रेनेड रखने की स्पेस भी बनाई गई है. ताकि जरूरत पड़ने पर इससे हथगोला भी दागा जा सकता है.
ये खास स्वदेशी यूएवी ड्रोन जंगल या पहाड़ों जैसे दुर्गम इलाकों में भी काम करने में सक्षम है.

स्रोत -”जी न्यूज


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