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शहर में ट्रैफिक जाम-4 साल पहले 5 किमी बायपास निर्माण करने किया सर्वे, केंद्र ने अब तक नहीं दी मंजूरी

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28 फरवरी 2022 | कवर्धा शहर में ट्रैफिक का दबाव 90 फीसदी तक कम करने के लिए नेशनल हाईवे-30 पर छिरहा चौक से घुघरीकला होते हुए दो जगहों पर ओवरब्रिज और उससे होकर 5 किलोमीटर लंबे बायपास का निर्माण किया जाना था। चार साल पहले प्रस्तावित इस बायपास को बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों ने सर्वे किया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।

सर्वे के मुताबिक प्रस्तावित बायपास को तात्कालीन राज्य सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दी थी। अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को फाइल भेजी गई थी। स्वीकृति नहीं मिलने से काम ही शुरू नहीं हो पाया। स्थिति यह है कि शहर से होकर गुजरने वाले हाईवे पर सरकारी शराब दुकान से ट्रांसपोर्ट नगर और मिनीमाता चौक पर आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। संकरी नदी पर पुल निर्माण के चलते एप्रोच रोड बनाई गई है, उसके कारण भी ट्रैफिक जाम हो रहा है। रविवार को भी ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रैफिक जाम रहा।

ट्रैफिक का दबाव 90% कम होने का किया था दावा
नेशनल हाईवे- 30 पर 5 किमी लंबा बायपास बनाने में 45 करोड़ रुपए का अनुमान लगाया था। सर्वे के मुताबिक प्रस्तावित बायपास पर दो जगह नदी क्रॉस करने के लिए ओवरब्रिज भी बनना था। नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने सर्वे के दौरान दावा किया था किससे कवर्धा शहर पर ट्रैफिक का दबाव 90 फीसदी तक कम हो जाएगा।

पुराने बायपास से रोजाना गुजरती हैं हजारों गाड़ियां
कवर्धा में रायपुर-जबलपुर रोड को जोड़ने वर्ष 2008 यानि 14 साल पहले 600 मीटर लंबी बायपास बनाई गई थी। शहर का दायरा बढ़ने से अब पुराना बायपास शहर के भीतर आ गया है। इस बायपास से रोजाना हजारों गाड़ियां गुजरती हैं। जाम लगता है। भारी वाहनों की संख्या ज्यादा रहती है।

आशंका: सर्वे के मुताबिक बायपास के दायरे में 30 हे. भूमि मुआवजा में खर्च ज्यादा, इसलिए ठंडे बस्ते में प्लान
सर्वे के मुताबिक नेशनल हाईवे-30 पर छिरहा चौक से घुघरीकला होते हुए दो जगहों पर ओवरब्रिज और उससे होकर 5 किमी लंबा बायपास बनना था। ओवरब्रिज लगभग 200 मीटर लंबा और 20 फीट चौड़ा बनना था। रोड मैप के मुताबिक जहां से नया बायपास का निर्माण किया जाना था, उसके दायरे में करीब 30 हेक्टेयर जमीन आ रही है। बताया जा रहा है कि इस जमीन के अधिग्रहण में ही कुल बजट से 80 फीसदी खर्च हो जाता। आशंका है इसलिए यह प्लान ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। हालांकि, असल वजह कुछ और भी हो सकती है। अधिकारी इसे लेकर खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। इधर रोजाना ट्रैफिक जाम के कारण लोग परेशान हो रहे हैं।

पंडरिया- मुंगेली राजमार्ग पर 5 किमी लंबे बायपास का प्रस्ताव भी पेंडिंग
नगर पंचायत पंडरिया-मुंगेली राजमार्ग पर भी 5 किलोमीटर लंबा बायपास निर्माण का प्रस्ताव था। क्योंकि यहां गांधी चौक पर कवर्धा, बिलासपुर और मुंगेली मुख्यमार्ग जुड़ती है। राजमार्ग शहर के बीच से गुजरती है। स्थानीय ट्रैफिक के अलावा नगर के भीतर से भारी वाहन गुजरते हैं। इससे आए दिन ट्रैफिक जाम लगता है। प्रस्तावित इस 5 किमी लंबे बायपास की लागत 5 करोड़ रुपए का अनुमान था। लेकिन यह प्रस्ताव भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी के पास पेंडिंग है।​​​​​​​

Source;-" दैनिक भास्कर"   

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