25 अप्रैल 2023 ! महराष्ट्र में सब कुछ सामान्य नहीं है. लोकसभा चुनाव के ठीक एक साल पहले कद्दावर नेता शरद पवार और भतीजे अजित पवार के बीच दरार चौड़ी होती दिख रही है! भाजपा नेताओं के अजित पवार के साथ गलबहियां को लेकर खफा हैं. उधर, कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना (उद्धव) गठबंधन महा विकास अघाड़ी भी संकट में दिख रहा है. इन तीनों ही मामलों में शरद पवार की भूमिका महत्वपूर्ण है. महाराष्ट्र की राजनीति का यह धुरंधर खिलाड़ी हर हाल में अपनी उपयोगिता बनाए हुए है. ये सारी कड़ियां आपस में जोड़ने पर पूरी कहानी साफ नजर आती है.
पहले शरद पवार-अजित पवार के रिश्ते में दरार की बात. यूं तो यह बात अब सार्वजनिक हो चुकी है कि शरद पवार से जो अपेक्षा अजित पवार करते हैं, उसे पूरा नहीं होने पर वे नाराज होते हुए देखे जाते हैं. इसकी शुरुआत कई बरस पहले हुई, पर यह विस्फोटक रूप में तब सामने आई जब अजित ने बिना शरद पवार को भरोसे में लिए देवेंद्र फडणवीस के साथ शपथ ले ली. राजनीति के धुरंधर शरद पवार ने इस खेल को पलट दिया और अजित फिर चाचा के पास लौट आए. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में नई सरकार बनी तो एनसीपी उसमें शामिल हुई. फिर सब ठीक हो गया, लेकिन सरकार जाते ही अजित फिर बेचैन हुए!
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष “
