• June 9, 2026 9:09 am

मुरादाबाद में सपा की महाभारत कब थमेगी? मुस्लिमों की नाराजगी कहीं अखिलेश को भारी न पड़ जाए

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: चुनावी सीजन में यूं तो टिकट पर टकराव हर जगह और हर पार्टी में नजर आता है. नेताओं के रूठने-मनाने का सिलसिला भी चलता रहता है लेकिन इस बार के चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अंदर ही टिकट को लेकर लड़ाई चल रही है. खासकर रामपुर और मुरादाबाद में…

मुरादाबाद लोकसभा सीट (Moradabad Lok Sabha seat) पर नामांकन के आखिरी दिन तक चले ऊहापोह के बाद सपा ने भले ही रुचि वीरा को अधिकृत प्रत्याशी बना दिया हो, लेकिन मामला अभी शांत नहीं हुआ है. आजम खां और अखिलेश के बीच रस्साकशी में फजीहत झेलने वाले सपा के मौजूदा सांसद डॉ. एसटी हसन ने साफ कर दिया है कि वो पार्टी का फैसला तो मान रहे हैं, लेकिन किसी के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे. इससे 35 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले मुरादाबाद शहर में सपा की हालत पतली हो सकती है. मैदान में इरफान सैफी के तौर पर बसपा का मुस्लिम प्रत्याशी होने से मुसलमान वोट उस पाले में भी जा सकता है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को मुरादाबाद भेजा था. सपा मुख्यालय पर गुरुवार को अखिलेश इस मसले पर अहम बैठक करने वाले हैं. माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर कुछ बड़े नेताओं पर गाज गिर सकती है.

27 मार्च को मुरादाबाद में सपा पार्टी के अंदर क्या-क्या हुआ
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद सीट पर कन्फ्यूजन खत्म हो गया. इस सीट पर आजम खान खेमे की रुचि वीरा ही उम्मीदवार होंगी. इससे पहले पार्टी ने सिटिंग सांसद एसटी हसन को टिकट दिया था और उन्होंने एक दिन पहले नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया था. बाद में पार्टी ने हसन का टिकट काटा और रुचि वीरा को कैंडिडेट बना दिया. इससे पहले सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम बुधवार को सपा कार्यालय पहुंचे थे. नरेश उत्तम कल रामपुर और मुरादाबाद गए थे. नरेश उत्तम ने बुधवार को इसकी पूरी रिपोर्ट अखिलेश यादव को दी. रामपुर और मुरादाबाद के ताजे हालात को देखते हुए सपा पार्टी के अंदर ही घमासान छिड़ गया है.

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बुधवार को सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, कांठ विधायक कमाल अख्तर और मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने रामपुर एक होटल में डेरा जमा लिया था. जब नरेश उत्तम पटेल होटल पहुंचे तो वहां पर स्वार क्षेत्र के रजानगर निवासी मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी के सैकड़ों लोग होटल में मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक होटल के एक कमरे में मिनट दर मिनट हालात बदलते रहे.  नरेश उत्तम पटेल लगातार अखिलेश यादव से फोन पर बात करते रहे. दोपहर 2 बजे के बाद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने कलक्ट्रेट में पहुंचकर नामांकन प्रक्रिया पूरी की.

स्थानीय नेता नाराज
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ने जब से भानु प्रताप सिंह को मेरठ लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है तब से स्थानीय सपा नेता नाराज चल रहे हैं. पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने चुनाव से दूरी बना ली है. स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि पार्टी किसी स्थानीय नेता को ही प्रत्याशी बनाए. आज सपा ने मेरठ से प्रत्याशी भानु प्रताप का टिकट काट दिया है. अब शाम तक स्थिति साफ हो जाएगी की मेरठ सीट से कौन सा उम्मीदवार खड़ा होगा. मंगलवार शाम को रामपुर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा के जिला अध्यक्ष अजय सागर ने साफ कहा कि अखिलेश यादव जी यहां से चुनाव नहीं लड़ रहे इसके बाद यह फैसला लिया गया है. सपा रामपुर के चुनाव का बहिष्कार करेगी. जिला अध्यक्ष अजय सागर के अलावा इस पीसी में पूर्व प्रत्याशी और आजम खान के क़रीबी असीम राजा और चमरौआ के विधायक नासिर खान भी मौजूद थे.

क्यों पैदा हुए ये हालात
दरअसल ये स्थिति तब पैदा हुई, जब मुरादाबाद सीट से एसटी हसन ने पर्चा भरा, लेकिन बुधवार को रुचि वोरा ने भी सपा के टिकट से नामांकन भरा. रामपुर में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी और दोनों ही सीटों पर खुद को सपा उम्मीदवार बताकर दो-दो प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने से पूरे दिन भ्रम फैला रहा. समाजवादी पार्टी ने इस सीट से एसटी हसन को उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने अपना नामांकन भी दाखिल कर लिया था. अब अंदरूनी कलह के चलते उन्हें अपना पांव पीछे छींचना पड़ा. उन्होंने ऐलान कर दिया है कि वह अपना नामांकन वापस लेंगे.  रामपुर में मौलाना मुहिबुल्लाह नदवी और आसिम रजा ने नामांकन पत्र जमा किया है.

नाराज एसटी हसन बोले अखिलेश बताएं क्यों काटा टिकट?
एसटी हसन ने मीडिया चैनल से कहा कि वह अब समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नहीं होंगे. वह अपना पर्चा वापस लेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि आजम खान के कड़े विरोध के बाद सपा को अपना फैसला बदलना पड़ा. एसटी हसन ने कहा कि जब एक बार टिकट दे चुके थे तो कोई कारण तो नहीं था. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ही बेहतर बताएंगे कि टिकट क्यों काटा गया है. सपा नेता ने कहा कि अखिलेश पार्टी के नेता हैं, जिसको चाहें लड़ाएं, जिसको चाहें ना लड़ाएं. नाराज एसटी हसन ने बोला है कि मैं चुनाव प्रचार नहीं करूंगा.

रामपुर

रामपुर में जहां लोकसभा उपचुनाव लड़ चुके आसिम रजा ने खुद को सपा प्रत्याशी बताते हुए इस बार नामांकन दाखिल किया तो वहीं दावा करते हुए मौलान नदवी ने भी दावा करते हुए पर्चा दाखिल किया.

बसपा से मुरादाबाद में इरफान सैफी
लोकसभा चुनाव के लिए बहुजन समाजवादी पार्टी (बीएसपी) ने उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद सीट से इरफान सैनी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. इरफान सैफी इस समय नगर पालिका ठाकुरद्वारा के मौजूदा चैयरमैन हैं. बीएसपी पश्चिमी यूपी के प्रभारी शमसुद्दीन राइनी ने इरफान सैफी के नाम का एलान किया है.

सांसद डा.एसटी हसन सहित पांच उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त 
गुरुवार से मुरादाबाद लोकसभा सीट पर नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई.  इसमें सांसद एसटी हसन सहित पांच प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए. निरस्त किए गए अन्य नामांकन पत्रों में संदीप त्रिवेदी वैदिक समाजवादी पार्टी, भारत युग जनता पार्टी के प्रदीप कुमार यादव, निर्दलीय सरताज आलम और शीशपाल शामिल हैं. मुरादाबाद लोकसभा सीट पर 18 उम्मीदवारों ने 19 नामांकन पत्र जमा कराए थे. हरकिशोर सिंह ने दो नामांकन पत्र जमा कराए थे, जिसमे एक मान्य हुआ.  इस प्रकार से अब मैदान में कुल 13 उम्मीदवार रह गए हैं. हालांकि, उम्मीदवारों की अंतिम सूची 30 मार्च को नामांकन वापसी के बाद ही जारी की जाएगी.

 इसलिए निरस्त हुआ नामांकन
रुचि वीरा द्वारा समाजवादी पार्टी का सिंबल और एसटी हसन द्वारा लगाए सिंबल का निरस्तीकरण पत्र दिए जाने पर एसटी हसन निर्दलीय रह गए थे. क्योंकि उन्होंने सपा से नामांकन कराते हुए अपने फार्म में केवल एक प्रस्तावक के ही हस्ताक्षर कराए थे, जबकि निर्दलीय के लिए 10 प्रस्तावक होना अनिवार्य है. ऐसे में उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया. अन्य के नामांकन शपथ पत्रों में पूर्ण जानकारी नहीं दिए जाने के कारण निरस्त किए गए हैं.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

source zee news

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