• June 4, 2026 9:51 pm

माथे पर ‘पीला तिलक’, चोंच में भर लेता है 11 लीटर पानी, इस देसी पक्षी की खूबियां जान कोई भी हो जाएगा दंग

ByPrompt Times

Nov 15, 2024
Share More

एशिया के दलदली इलाकों में मिलने वाला यह पक्षी अपनी चोंच पर चित्तीदार निशानों के लिए जाना जाता है। इनकी रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। भारत और श्रीलंका से लेकर दक्षिण पूर्व एशिया, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड और वियतनाम में आमतौर पर यह पक्षी पाया जाता है।

  • उधवा झील में पहली बार देखा गया स्पॉट बिल्ड पेलिकन
  • ढ़ाई मीटर तक होता है इस पक्षी के पंखों का फैलाव
  • वजन में 4 से 6 किलोग्राम तक होता है पेलिकन का वजन

 

झारखंड के साहिबगंज जिले में स्थित उधवा झील में पहली बार दुर्लभ स्पॉट बिल्ड पेलिकन पक्षी देखा गया है। यह दुर्लभ पक्षी वन विभाग के अधिकारियों को उस वक्त नजर आया, जब वे झील का जायजा ले रहे थे। हजारीबाग के पक्षी विशेषज्ञ सत्य प्रकाश के मुताबिक, यह पक्षी विलुप्त होने के कगार पर है और भारत में गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में देखा जाता है। सत्य प्रकाश ने इसपर कहा कि उधवा झील दुर्लभ पक्षियों के लिए एक उपयुक्त प्राकृतिक वास बनता जा रहा है।

ऐसा पहली बार है, जब उधवा झील में स्पॉट बिल्ड पेलिकन को देखा गया है। इससे पहले यह पक्षी झारखंड में सिर्फ जादूगोड़ा, सिंहभूम में कुछ साल पहले देखा गया था। स्पॉट बिल्ड पेलिकन बत्तख की प्रजाति का है और इसकी चोंच के नीचे एक थैली होती है, जिसकी मदद से यह मछली और दूसरा भोजन खाता है।

 

उधवा झील में इस दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी इस बात का भी प्रमाण है कि यह झील पक्षियों के लिए कितनी महत्वपूर्ण होती जा रही है। भोजन, प्रजनन और प्रवास के लिए अनुकूल उधवा झील दुनिया भर के दुर्लभ पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। वन विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि अगर पर्यावरण का ध्यान रखा जाए तो विलुप्त होती प्रजातियों को भी बचाया जा सकता है।

 

सिर पर बना होता है मुकुट

पेलिकन की गिनती बड़े पक्षियों में होती है। इनकी लंबाई 125 से 150 सेमी (लगभग 49-59 इंच) और पंखों का फैलाव 2.5 मीटर (8.2 फीट) तक होता है। वजन में ये 4 से 6 किलोग्राम तक पाए जाते हैं। इनके पंख ज्यादातर सफेद होते हैं और सिर पर भूरे-काले रंग का मुकुट जैसा बना होता है। साथ ही माथे पर एक अलग पीले रंग का निशान भी होता है।

 

50 किमी तक की रफ्तार

स्पॉट बिल्ड पेलिकन एक मांसाहारी पक्षी है, जो मछली, क्रस्टेशियंस और छोटे जलीय जानवरों को खाता है। मछली पकड़ने के लिए यह अपनी थैलीनुमा चोंच का इस्तेमाल करता है। पेलिकन की चोंच के नीचे बनी थैली में लगभग 11 लीटर (3.4 गैलन) तक पानी समा सकता है। इनकी रफ्तार भी बेहद तेज होती है। ये पक्षी 50 किमी प्रति घंटा तक की गति से उड़ान भर सकता है।

चोंच पर चित्तीदार निशान

एशिया के दलदली इलाकों में पाया जाने वाला यह पक्षी अपनी चोंच पर चित्तीदार निशानों के लिए जाना जाता है। हालांकि, पेलिकन विलुप्त होने के कगार पर खड़े हैं। IUCN रेड लिस्ट में इसे ‘निकट संकटग्रस्त’ के तौर पर रखा गया है। लगातार घटते आवास, शिकार और प्रदूषण से इनकी संख्या घट रही है। ऐसे में इस पक्षी को बचाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयासों की जरूरत है।

दलदल में रहना पसंद

भारत और श्रीलंका से लेकर दक्षिण पूर्व एशिया, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड और वियतनाम में मिलने वाला यह पक्षी नदियों, झीलों और दलदलों में रहना पसंद करता है। इस पक्षी के मांस, पंखों और चोंच के लिए इसका शिकार किया जाता है। साथ ही प्रदूषण और कीटनाशकों के इस्तेमाल से भी इसके भोजन की समस्या खड़ी होती है।

SOURCE – PROMPT TIMES

Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *