• June 7, 2026 9:09 pm

मानो सरकार कोरोना की दोस्त बनकर उसे मदद कर रही है

ByPrompt Times

Aug 31, 2020
कोरोना मामले में घुटनों पर आई प्रदेश सरकार को अब प्रमं मोदी की तैयारियों व फैसलों की अहमियत समझ आ रही : भाजपा
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भाजपा का बड़ा खुलासा, जांच रिपोर्टों की सत्यता पर उठाया सवाल।
प्राइवेट अस्पतालों व जांच सेंटर्स में घोर लापरवाही व मनमर्जी चल रही है: भाजपा

प्रदेश में बढ़ते कोरोना संकट में सरकार की घोर लापरवाही ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है।
आज जारी संयुक्त में भाजपा प्रवक्ता शिवरतन शर्मा, भाजपा नेता सीए अमित चिमनानी ने सरकार द्वारा की जा रही नाकामियों को सिलसिलेवार तथ्यों के साथ सामने रखा।
शिवरतन शर्मा (जो ख़ुद भी कोविड से जूझकर अब स्वस्थ हैं।) ने कहा कि एक तरफ जहां निजी अस्पताल मनमानी वसूली कर रहे हैं, साथ ही  जांच सेंटर 7-7 दिन में भी रिपोर्ट नही दे रहे। कोरोना में जांच रिपोर्ट का जल्द से जल्द आना बहुत जरूरी है, नही तो रिपोर्ट आते तक कोरोना मरीज़ न जाने कितनों को संक्रमण फैला चुका होता है ये पता ही नही चलता।

श्री शर्मा ने कहा कि जाँच रिपोर्ट देर से मिलना ही अपने आप मे कोरोना को मदद करने जैसा है और लगातार ऐसी खबरें आने के बाद भी सरकार ने प्राइवेट लैब्स पर कोई नियंत्रण नही रखा है।

सीए अमित चिमनानी ने बताया कि प्राइवेट लैब्स में घोर लापरवाही सामने आयी है जिससे प्राइवेट लैब्स द्वारा दी जाने वाली रिपोर्ट्स की सत्यता पर ही संदेह हो चला है । उन्होंने अपना ही अनुभव बताते हुए कहा कि श्री चिमनानी का
भतीजा, जिसकी जांच रिपोर्ट आई है, उसका उम्र 14 वर्ष है। उसकी नाम के अलावा बाकी सारी जानकारियां रिपोर्ट और फॉर्म में गलत है। जैसे उम्र रिपोर्ट में  56 वर्ष लिखी है।जबकि है 14 वर्ष। सेम्पल लेने की तारीख 28 अगस्त लिखी है जबकि दक्ष का सैंपल 24 तारीख को लिया गया था। पता सूरजपुर लिखा गया है व आधार नंबर भी गलत है।

श्री चिमनानी ने पूछा कि ऐसी रिपोर्ट्स से कोरोना कैसे कंट्रोल होगा। नेगेटिव को पॉज़िटिव बता देने से मरीज़ और उनका परिवार परेशान होगा साथ ही लाखों रु ख़र्च भी होते हैं। इसी तरह पॉज़िटिव को नेगेटिव बताया तो संक्रमण तेज़ गति से औरों में भी फैलेगा।
कुल मिलाकर ऐसी संकट के समय इस प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है व दुर्भाग्य है कि सरकार का कोई नियंत्रण इन प्राइवेट जांच केंद्रों में नही है। नेताद्वय ने शासन से आग्रह किया कि शासन द्वारा किए जा रहे तमाम आवश्यक-अनावश्यक कार्यों को छोड़ कर, कोरोंना के ख़िलाफ़ लड़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दे, अन्यथा यह वैश्विक महामारी छत्तीसगढ़ में और ज़्यादा बेक़ाबू हो जायेगी।


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