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सुखना पर बनेगा स्वचालित मौसम स्टेशन, हर 15 मिनट में मिलेगी सटीक सूचना

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03 मार्च 2022 | मनमोहन सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार पूरे देश में 400 स्वचालित मौसम स्टेशन बनाने जा रही है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 13 स्टेशन बनाने की योजना है। चंडीगढ़ में सुखना लेक पर यह स्टेशन इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि यह इलाका पहाड़ों के करीब है।

चंडीगढ़ में बारिश का पैटर्न धीरे-धीरे बदल रहा है। कई बार देखने को मिलता है कि शहर के कुछ सेक्टरों में तेज बारिश होती है तो कुछ सूखे रहते हैं। मौसम में आ रहे इसी बदलाव की पहचान के लिए मौसम विज्ञान केंद्र सुखना लेक के पास स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित करने जा रहा है।  मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि पहले पहाड़ों पर कुछ जगह बारिश होती थी और कुछ जगह नहीं, अब पिछले कुछ वर्षों में मैदानी इलाकों में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है। चंडीगढ़ में सेक्टरों के अनुसार भी ऐसा देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर इलाके का तापमान अलग-अलग होता है। जब बादल बनते हैं तो उस पर तापमान का असर पड़ता है। ऐसे में तापमान की वजह से बादलों में पानी की मात्रा में भी असर पड़ता है, इसलिए अक्सर देखा जाता है कि न्यू चंडीगढ़, सुखना लेक व आसपास के इलाकों में शहर के मुकाबले बारिश थोड़ी ज्यादा होती है।

मनमोहन सिंह ने बताया कि इस बदलाव की पहचान और शहरवासियों को मौसम की और सटीक जानकारी देने के लिए सुखना लेक पर स्वचालित मौसम स्टेशन बनाया जा रहा है। इसके लिए जगह की पहचान हो गई है और प्रशासन से एनओसी भी ले ली गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। 

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 13 स्वचालित मौसम स्टेशन बनेंगे
मनमोहन सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार पूरे देश में 400 स्वचालित मौसम स्टेशन बनाने जा रही है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 13 स्टेशन बनाने की योजना है। चंडीगढ़ में सुखना लेक पर यह स्टेशन इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि यह इलाका पहाड़ों के करीब है। चंडीगढ़ में बारिश होती है तो वहां पानी थोड़ा ज्यादा गिरता है। इस स्वचालित मौसम स्टेशन से प्रत्येक 20-30 मिनट के अंदर हो रहे मौसम के बदलाव की जानकारी प्राप्त होगी। यहां से मुख्य रूप से वर्षा की तीव्रता व मात्रा, हवा की गति व दिशा, सूर्य प्रकाश की अवधि, अधिकतम तापमान, न्यूनतम तापमान, मृदा में नमी व तापमान हर 15 मिनट में भारत मौसम विज्ञान विभाग को ट्रांसमिशन के माध्यम से प्राप्त होगी।

Source;- हिंदुस्तान

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