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चुनावी बॉन्ड के सबसे बड़े खरीदार, बेहिसाब दौलत पर ED रेड, जानें मार्टिन का मजदूर से लॉटरी किंग बनने तक का सफर

ByPrompt Times

Nov 15, 2024
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ED ने गुरुवार को चेन्नई के ‘लॉटरी किंग’ सैंटियागो मार्टिन के खिलाफ धन शोधन जांच के तहत फिर से उसके परिसरों पर छापेमारी की। मार्टिन ने राजनीतिक दलों को चंदे के लिए लाई गई चुनावी बॉन्ड योजना के तहत सर्वाधिक 1,300 करोड़ रुपये से अधिक चंदा दिया था।

 

ईडी की टीमें फोर्स के साथ लॉटरी किंग के ठिकानों पर छापा मारने पहुंचीं। मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह छापेमारी की गई। हाल ही में ईडी को मार्टिन के खिलाफ जांच आगे बढ़ने की अनुमति मिली थी क्योंकि तमिलनाडु पुलिस ने उसके और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी को बंद करने का फैसला किया था। ईडी ने पिछले साल मार्टिन के खिलाफ केरल में राज्य लॉटरी की धोखाधड़ी से बिक्री करके सिक्किम सरकार को 900 करोड़ रुपये से अधिक के कथित नुकसान से जुड़े एक मामले में लगभग 457 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।

 

राजनीतिक दलों को दिया 1300 करोड़ का चंदा

 

सिक्किम लॉटरी की प्रमुख वितरक मार्टिन की कंपनी ‘फ्यूचर गेमिंग सॉल्यूशन्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ है और ईडी 2019 से तमिलनाडु में ‘लॉटरी किंग’ के रूप में जाने जाने वाले मार्टिन के खिलाफ जांच कर रहा है। मार्टिन हाल ही में तब चर्चा में आया जब चुनाव आयोग के चुनावी बॉन्ड वाले आंकड़े सामने आए। लॉटरी किंग की कंपनी (फ्यूचर गेमिंग) 2019 और 2024 के बीच राजनीतिक दलों को 1300 करोड़ रुपये का चंदा दिया। यह चुनावी बॉन्ड की सबसे बड़ी खरीदार कंपनी थी। ‘

 

ईडी ने जब्त की थी 410 करोड़ की प्रॉपर्टी

 

मार्टिन के मामले में एक और खास बात रही। 2019 में उनके खिलाफ जांच शुरू हुई। 2 अप्रैल 2022 को ईडी ने उनकी 409.92 करोड़ की संपत्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अटैच। पांच दिन बाद मतलब 7 अप्रैल 2022 को कंपनी ने सौ करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे। कंपनी ने 2019 से 2024 के बीच 1368 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रोरल बॉन्ड्स खरीदे।

 

सिक्किम सरकर ने किया था धोखाधड़ी का केस

 

लॉटरी किंग मार्टिन का नाम सबसे पहले सुर्खियों नें 2008 को आया। तब उनके ऊपर सिक्किम सरकार से 4500 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगा। मामला दर्ज हुआ और 2011 में पहली बार उनके ठिकानों पर छापेमारी हुई। उसके बाद से कई बार उनके ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है।

 

म्यांमार में करता था मजदूरी

 

सैंटियागो मार्टिन म्यांमार के यांगून में एक मजदूर हुआ करता था। 1988 में वह म्यांमार से भारत लौटा। वह तमिलनाडु में आया और लॉटरी बेचनी शुरू की। लॉटरी बेचने के साथ उसका बिजनस बढ़ता गया। उसने कारोबार बढ़ाया और इसका विस्तार केरल और कर्नाटक में किया। नॉर्थ ईस्ट में मार्टिन ने लॉटरी के सरकारी प्रोजेक्ट्स को संभाला। उसने भूटान और नेपाल में भी बिजनस शुरू किया। लॉटरी बिजनस के साथ उसने दूसरे कारोबार भी शुरू कए। उसने विदेशों में बिजनेस का विस्तार किया। मार्टिन ने मैन्यूफैक्चर, रियल एस्टेट, कपड़ा और हॉस्पिटैलिटी में एंट्री की।

 

लॉटरी से शुरू किया ऑनलाइन गेमिंग बिजनस

 

मार्टिन ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ लॉटरी ट्रेड एंड अलाइड इंडस्ट्रीज का अध्यक्ष बना। उसने फ्यूचर गेमिंग सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई और लॉटरी से इतर ऑनलाइन गेमिंग कारोबार शुरू किया। उसने कैसीनो और स्पोर्ट्स सट्टेबाजी में भी एंट्री की। उसका रजिस्टर्ड ऑफिस कोयंबटूर, तमिलनाडु में है। खास बात है कि कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड नहीं है।

 

मेडिकल कॉलेज खोला, रियल एस्टेट में भी आया

 

मार्टिन ने कोयंबटूर के पास मार्टिन होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोला। यहां तक कि उसने टीवी चैनल भी खोला। उसने एम एंड सी प्रॉपर्टी डेवलमेंट, मार्टिन नन्थावनम अपार्टमेंट और लीमा रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड शुरू किया। 2011 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि थे। करुणानिधि ने इलाइगनन नाम की एक फिल्म लिखी। उस फिल्म के प्रोड्यूसर सैंटियागो मार्टिन थे।

 

ऐसे शुरू हुआ खराब दौर

तमिलनाडु में जब AIADMK की सरकार बनी तो मार्टिन के लिए बुरा वक्त आ गया। मार्टिन को भूमि कब्जा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उनके ऊपर गुंडा ऐक्ट लगा। DMK के कई नेताओं और समर्थकों के साथ मार्टिन को भी जेल भेजा गया। मार्टिन लगभग 8 महीने तक जेल में रहा। बाद में उसे मद्रास हाई कोर्ट से जमानत मिली, उसके बाद वह बाहर आया। जेल में रहने के दौरान ही मार्टिन के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू हुई।

 

SOURCE – PROMPT TIMES


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