21 मार्च 2023 | हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा पीजीटी भर्ती को लेकर परीक्षाओं का पैटर्न बदलने का मामला समालखा से विधायक धर्म सिंह छौक्कर ने सदन में उठाया। उन्होंने मांग रखी कि परीक्षा पहले की तरह की आब्जेक्टिव टाइप से ली जाए, न की नए पैटर्न से। विधायक ने तर्क रखा कि काफी समय से अभ्यर्थी पुराने पैटर्न से ही तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपीएचसी स्वायत्त संस्था है, इसलिए परीक्षाओं का फैसला वह खुद लेती है, इसमें सरकार का कोई दखल नहीं है।
अगर पारदर्शिता की बात होगी तो जरूर सरकार दखल देगी। गौरतलब है कि हाल ही में आयोग ने पीजीटी के लिए पैटर्न बदला है। अब एचसीएस की तर्ज पर दो परीक्षाएं लेने की तैयारी है। एक प्रारंभिक और एक मुख्य। अभ्यर्थी इसका विरोध कर रहे हैं।
अतिथि अध्यापकों को नए सत्र में मिलेगा तबादले का मौका
ट्रांसफर ड्राइव में अपने घरों और जिलों से 200 किलोमीटर तक अधिक दूरी पर गए अतिथि अध्यापकों को नए सत्र में मनपसंद स्टेशन का मौका दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने छौक्कर के सवाल के जवाब में सदन को यह जानकार दी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अतिथि अध्यापकों की शिकायतों के निवारण के लिए विभाग द्वारा शिकायत निवारण अभियान चलाया गया। जिसमें 1699 अतिथि अध्यापकों ने भाग लिया और इनमें से 1347 अतिथि अध्यापकों को उनके पसंद के विद्यालय में भेजा गया है। अब केवल 352 अतिथि अध्यापक ऐसे हैं, जिनके तबादले होने हैं। इसलिए नए सत्र में योजना लाई जाएगी।
मामन खान और आफताब ने अरावली सफारी पार्क से पहले मूलभूत सुविधाओं देने की मांग रखी
फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान ने स्कूलों, शिक्षा के स्तर और संसाधनों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मेवात को ट्रामा सेंटर, नेशनल हाईवे, सेक्टर, रोजगार, इंडस्ट्री चाहिए, अरावली सफारी पार्क नहीं। उन्होंने भी दो भाइयों की हत्या मामले में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि करीब एक माह पहले कहा गया था कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की जाएगी, लेकिन आज तक गठित नहीं हुई।
वहीं कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि बजट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले दो बजट में मेवात में विकास कार्यों के लिए बजट प्रावधान रखा गया था, लेकिन बजट का इस्तेमाल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र को अरावली सफारी पार्क से पहले शिक्षक, पेयजल, सड़कों के अलावा मूलभूत सुविधाएं और बेहतर कानून व्यवस्था की जरूरत है।
सोर्स :-“अमर उजाला ”
