17 नवम्बर 2021 | पहले सरसों की बिजाई और अब गेहूं की बिजाई के लिए किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हो रहा है। एक महीने से चल रही खाद की मारामारी अभी तक सुचारु नहीं हो पाई है। डीएपी खाद की डिमांड इस कदर है कि किसान को डीएपी का एक बैग मिल जाता है तो उतनी ही जमीन पर गेहूं की बिजाई कर देता है। किसान प्रतिदिन बिक्री स्थलों पर पहुंच रहे है। रविवार को भी सैकड़ों की संख्या में किसान डीएपी खाद के लिए ढिगावा मंडी में पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही किसानों को एक या दो बैग डीपी खाद मिल पाई।
बता दें कि डीएपी खाद की मारामारी अक्टूबर माह से चल रही है। इस मारामारी के बीच किसानों ने जैसे तैसे करके सरसों की बिजाई तो कर ली है लेकिन अब गेहूं की बिजाई से पूर्व किसान अपने खेतों में डीएपी खाद का छिड़काव करना चाह रहे है ताकि पैदावार अच्छी हो सके। मगर अब भी किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। हालात यह है कि खाद आने के दो-तीन घंटे बाद ही खत्म हो जाती है। अनेक किसानों का तो खाद के लिए नंबर ही नहीं आता है। इसलिए अनेक किसान तो इसी उम्मीद से बिक्री स्थल पर सुबह जल्दी आकर लाइन में लग जाते हैं कि अगर खाद आए तो उसका नंबर पहले आ आए। किसान रतन सिंह, महावीर, महिपाल अमीरवास, सुरेश, राकेश, दीपक आदि ने बताया कि डीएपी खाद की कमी अभी पूरी भी नहीं हुई है कि अब यूरिया भी किसानों को नसीब नहीं हो रहा है। किसानों ने कृषि मंत्री से अपील की है कि जल्द से जल्द किसानों को खाद उपलब्ध करवाई जाए ताकि किसान समय रहते अपने गेहूं की बिजाई कर सके।
Source :-“जागरण“
