04 जून 2022 | गुफा मंदिर के गौरव महंत स्वामी नारायण दास जी महाराज और चंद्रमा दास जी महाराज की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में संत सम्मेलन व सत्संग महोत्सव का आयोजन पांच जून से शुरू हो रहा है। सम्मेलन और संगीतमय सत्संग महोत्सव में गुफा मंदिर में कई साधु-संत जुटेंगे। श्री वैष्णवमताब्ज भास्कर विषय पर पांच दिवसीय महोत्सव का यह आयोजन नौ जून तक चलेगा। यह जानकारी गुफा मंदिर के महंत रामप्रवेशदास महाराज ने दी। उन्होंने बताया कि कथा व्यास जगद्गुरु द्वाराचार्य मलूक पीठाधीश्वर स्वामी, राजेंद्र दास देवाचार्य कथा वाचन करेंगे। रविवार दोपहर 3:30 बजे कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। धर्मराज कीर्तन मंडल बैंड व साधु-संत शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र रहेंगे। शाम चार बजे सत्संग शुरू होगा। इसके बाद वृंदावन की प्रसिद्ध रासलीला का मंचन रात आठ बजे किया जाएगा। रोजाना सुबह आठ बजे से यंत्रार्चन का अनुष्ठान होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंगल पीठाधीश्वर यज्ञ सम्राट स्वामी माधवाचार्य जी महाराज डाकोर मुंबई की ओर से की जाएगी।
श्री वैष्णवमताब्ज भास्कर श्री रामानंदाचार्य का मूल ग्रंथमहंत रामप्रवेश दास ने बताया कि आचार्य सम्राट यतिकुल कमल दिवाकर मुगल काल में सनातन धर्म के स्तंभ जगद्गुरु श्री स्वामी रामानंदाचार्य जी महाराज की विभिन्न पावन कृतियों में से एक विशिष्ट कृति श्रीवैष्णवमताब्ज भास्कर है। सनातन वैदिक धर्म के सूर्य स्वामी जी महाराज ने संवत 1200-1300 सदी के लगभग मुगलों से इस देश की रक्षा की थी। उन्हीं की शिष्य परंपरा में बड़े-बड़े सिद्ध संत हुए जिन्होंने सनातन धर्म को भारतवर्ष के संपूर्ण वर्णों से ऊपर उठकर भेदभाव शून्य होकर पूरे देश को एक माला में पिरोकर सनातन धर्म की रक्षा की। पांच दिवसीय सत्संग का विषय श्री वैष्णवमताब्ज भास्कर रखा गया है।
Source;-“नईदुनिया”
