भूख और प्यास से बेहाल 50 हजार के अधिक लोग सड़क किनारे रहने को मजबूर
बिहार राज्य

भूख और प्यास से बेहाल 50 हजार के अधिक लोग सड़क किनारे रहने को मजबूर

बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली नगर निकाय के 21 वार्डों व प्रखंड के 55 गांवों में गंडक तबाही मचा रही है। इन गांवों के पचास हजार से अधिक लोग अपने घरों  को छोड़कर बांध या सड़कों के किनारे शरण लिए हुए हैं। ये सभी भय, भूख व प्यास की त्रासदी झेल रहे हैं। उनके लिए बारिश भी आफत बन कर बरस रही है। लेकिन ,प्रशासनिक मदद नाकाफी साबित हो रही है। हजारों बाढ़ पीड़तिों के पास खाना बनाने के लिए न अन्न है न रोशनी करने के लिए एक अदद मोमबत्ती। सड़क संपर्क चारों ओर से कटा हुआ है। गांवों में बीमार लोग, गर्भवती महिलाएं भी भगवान भरोसे हैं।  

बाढ़ के पानी से घिरे बरौली की लगभग ढाई लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। सभी पंचायतों में अब तक कम्युनिटी किचन भी सरकार के निर्देश के बाद चालू नहीं हो सका है। प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांवों के बदले अलग ऊंचे स्थानों पर मरीजों के इलाज का दावा किया जा रहा है। 

पचरूखिया गांव की सकली देवी ने बताया कि अब तक कोई हालचाल तक लेने नहीं पहुंचा है। रविवार की रात में बेटे के पेट में दर्द शुरू हुआ तो लगा कि बेटा दवा के अभाव में मर जाएगा। अंत में घर में रखे आजवाइन को पीस कर पिलाई। महम्मदपुर गांव के गौतम साह ने बताया कि हेलिकॉप्टर से रेडिमेड फूड के पैकेट वहां गिराए गए,जहां पानी नहीं है। 

सीओ रामजीत प्रसाद सिंह ने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। चूड़ा,गूड़ व पॉलीथिन बांटने का काम चल रहा है। बाढ़पीडितों के मदद के लिए नावें भेजी गई हैं। एनडीआरएफ की टीम भी फंसे लोगों को निकालने में जुटी है।

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