अगस्त 10 2023 ! देश में लोग चंद्रयान-3 के चांद के आरबिट में पहुंचने के बाद उसकी घूमने की कक्षा को कम करने की खबरें पढ़ रहे है. क्या आपको मालूम है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो ने 14 साल 10 महीने पहले चंद्रयान -1 को जब श्रीहरिकोटा स्पेस सेंटर से छोड़ा था तो उसका क्या हुआ. उसने चांद पर पहुंचकर क्या किया था. उसने ऐसी कौन सी खोज की थी, जिसका लोहा अब सारी दुनिया मानती है.
चन्द्रयान -1 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के मून मिशन के तहत चंद्रमा की तरफ कूच करने वाला भारत का पहला अंतरिक्ष यान था. इस अभियान में मानवरहित यान को 22 अक्टूबर 2008 को चन्द्रमा पर भेजा गया. ये मिशन करीब 10 महीने तक सक्रिय रहा.
इसे पीएसएलवी के एक संशोधित संस्करण वाले राकेट की सहायता से सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से छोड़ा गया था. ये केवल 05 दिनों में ही चांद की कक्षा तक पहुंच गया. हालांकि इसे चंद्रमा की कक्षा में स्थापित करने में 15 दिनों का समय लग गया.
सोर्स :-“न्यूज़ 18 हिंदी|”
