29 अगस्त 2022 | हरतालिका तीज व्रत 30 अगस्त को मनाया जाएगा। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रहकर पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। इस दिन महिलाएं पूरे दिन बिना पानी पिए रहती हैं, शाम को कथा सुनकर फलाहार करती हैं, फिर अगले दिन पूजा करके ही व्रत खोलती हैं। यूपी, बिहार और झारखंड में ये व्रत खास तौर पर मनाया जाता है। हर जगह व्रत की अलग-अलग परंपरा है। झारखंड में इस व्रत में पहले जावा बनाया जाता है। इस व्रत में एक दिन पहले उड़द की दाल आदि का जावा बनाया जाता है।
क्या होता है जावा
जावा बनाने के लिए महिलाएं निकटवर्ती जलाशयों पर जाती हैं। वहां से बालु निकाला जाता है, और पैदल चलकर गीत गाते हुए घर में जावा स्थापित करते हैं। इसके लिए भादो तृतीय का दिन चुना जाता है। हरतालिका व्रत शुरू होने के 2 दिनों पहले बालू में जौ, उड़द, मक्का, धान आदि डाल दिए जाते हैं, जिसे ‘जावा’ कहा जाता है। जावा को हरतालिका तीज के दिन भगवान शिव के रूप में निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। हरतालिका तीज में सुहागिनें पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। पूजा समाप्त होने के बाद दूसरे दिन सुबह जावा को विधि-विधान से तालाब, नदी आदि जलाशयों में विसर्जित कर महिलाएं व्रत तोड़ती हैं।
जावा बनाने के लिए महिलाएं निकटवर्ती जलाशयों पर जाती हैं। वहां से बालु निकाला जाता है, और पैदल चलकर गीत गाते हुए घर में जावा स्थापित करते हैं। इसके लिए भादो तृतीय का दिन चुना जाता है। हरतालिका व्रत शुरू होने के 2 दिनों पहले बालू में जौ, उड़द, मक्का, धान आदि डाल दिए जाते हैं, जिसे ‘जावा’ कहा जाता है। जावा को हरतालिका तीज के दिन भगवान शिव के रूप में निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। हरतालिका तीज में सुहागिनें पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। पूजा समाप्त होने के बाद दूसरे दिन सुबह जावा को विधि-विधान से तालाब, नदी आदि जलाशयों में विसर्जित कर महिलाएं व्रत तोड़ती हैं।
हरतालिका तीज व्रत 2022 शुभ मुहूर्त-
हरतालिका तीज व्रत पर सुबह साढ़े छह बजे से लेकर 8 बजकर 33 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। जबकि शाम 06 बजकर 33 मिनट से रात 08 बजकर 51 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा।
सोर्स:–” हिंदुस्तान”
