29 जुलाई 2023 ! राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर आज, 29 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा समागम का उद्घाटन किया. पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में लागू हुई, दूसरा 1986 में आया था, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था. पहला एनईपी कांग्रेस के शासन के दौरान लागू हुआ था. कार्यक्रम 29 जुलाई से शुरूहोकर 30 जुलाई तक चलेगा. कार्यक्रम का आयोजन भारतीय मंडपम में किया गया है.
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम श्री योजना के तहत बजट की पहली किस्त जारी की. पीएम इस अवसर पर 12 भारतीय भाषाओं में अनुवादित शिक्षा और कौशल पाठ्यक्रम पुस्तकों को जारी करेंगे. अपने संबोधन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पहला शिक्षा समागम पिछले साल वाराणसी में किया गया था. आजादी के बाद, जो बहुभाषीय शिक्षा की परिकल्पना की गई थी. वह पीएम मोदी के मार्गदर्शन में पूरी हो रही है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत की ज्ञान धारा को आगे बढ़ाने का काम करेगा, इससे भारत के विकास को नई दिशा मिलेगी.
वहीं पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही है, जिसमें देश को सफल बनाने, देश का भाग्य बदलने की सबसे अधिक ताकत है. आज 21 सदी का भारत, जिन लक्ष्यों को लेकर देश आगे बढ रहा है, उसमें हमारी शिक्षा व्यवस्था का बहुत ही महत्व है. अखिल भारतीय शिक्षा समामग का हिस्सा बनना मेरी लिए बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है. शिक्षा के लिए संवाद जरूरी होता है. मुझे खुशी है कि इस कार्यक्रम के जरिए हम विमर्श और विचार के अपनी परंपरा को और आगे बढ़ा रहे हैं. हम प्राचीन शिक्षा और आधुनिक तकनीकी दोनों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष “
