29 दिसंबर 2023 ! महीने की शुरूआत में टीवी9 डिजिटल ने देश को सूचना दी थी कि नए साल में पेट्रोल और डीजल 10 रुपए सस्ता हो सकता है. महीने के आखिर में इस पर चर्चा भी तेज हो चली है. पेट्रोलियम मिनिस्ट्री और फाइनेंस मिनीस्ट्री के बीच काफी दिनों से इस बात पर चर्चा चल रही थी कि देश में पेट्रोल और डीजल सस्ता किया जाए या नहीं? अगर किया भी जाए तो कितना किया जाए? साथ ही इस बात पर भी चर्चा चल रही थी कि दोनों मंत्रालयों में कौन इसका भार उठाएगा? या फिर आॅयल कंपनियों पर ही इस पूरे खर्च का भार डाला जाए. जानकारों की मानें तो इस पूरे मामले पर दोनों मंत्रालयों के बीच सहमति बन चुकी है. पेट्रोल और डीजल को सस्ता करने की भी तैयारी हो चुकी है. जिसका ऐलान देश के प्रधानमंत्री खुद करने जा रहे हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से किस तरह का फार्मूला अपनाया जा रहा है?
पीएम खुद करेंगे बड़ा ऐलान
नए साल में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तोहफा देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमत में 10 रुपए प्रति लीटर की घोषणा कर सकते हैं. इस फैसले को इसलिए अहम माना जा रहा है कि देश में महंगाई को कम करना सरकार का प्राइमरी टारगेट बन गया है. आरबीआई पहले ही महंगाई को कम करने के लिए ब्याज दरों में 2.50 फीसदी का इजाफा कर चुकी है. साथ ही खाद्य महंगाई को कम करने के लिए सरकार पहले से कई तरह के कदम उठा रही है. अब सिर्फ पेट्रोल और डीजल ही था, जोकि सरकार के लिए गले की फांस बन रहा था. जिसपर कुछ समय से वित्त और तेल मंत्रालय के बीच मंथन चल रहा था. टीवी9 भारतवर्ष ने पहले भी बताया था कि दोनों ही मंत्रालय दिसंबर के महीने में ऑब्जर्व करना चाहते थे कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम कितने रहते हैं. उनका मानना था कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर या उससे नीचे रहती हैं तो जनवरी की शुरुआत में पेट्रोल और डीजल की कीमत को कम किया जाएगा.
कौन उठाएगा भार?
बाजार के जानकार ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर और उससे नीचे पर काफी समय से है. वहीं रूस से कच्चा तेल लेकर ऑयल कंपनियों को काफी फायदा हो चुका है. साथ ही इन कंपनियों के शेयरों में तेेजी की वजह से वैल्यूएशन में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है. ऐसे में सरकार ऑयल कंपनियों से पेट्रोल और डीजल सस्ता करने के लिए कहेगी. सरकार अपनी ओर से टैक्स में किसी तरह की कटौती नहीं करेगी. इसका मतलब है कि ऑयल कंपनियों डेली कटौती कर पेट्रोल और डीजल को सस्ता करेंगी.
पिछले साल ऑयल कंपनियां घाटे में थी. लेकिन रूस से सस्ता तेल खरीदकर और पेट्रोल और डीजल की कीमत में कटौती ना कंपनियों को पहले फायदे में लाया गया. बीती तीन तिमाहियों के नतीजे साफ कहते हैं कि ऑयल कंपनियों को जबरदस्त फायदा हुआ है. पेट्रोल और डीजल से कंपनियां काफी फायदा कमा रही है. जिसकी वजह से कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखने को मिल रही है.
कितनी है कच्चे तेल की कीमत
मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमत में गिरावट देखने को मिल रही है. जिसका कारण डॉलर इंडेक्स का कम होना है. फेड अगले साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. इस खबर की वजह से डॉलर इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है. आंकड़ों के अनुसार खाड़ी देशों का कच्चा तेल 77.52 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी तेल 72.04 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. पिछले साल मार्च अप्रैल के मुकाबले कच्चे तेल की कीमत में 60 से 70 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आ चुकी है. खास बात तो ये है कि ओपेक अपने प्रोडक्शन में लगातार गिरावट कर रहा है, उसके बाद भी कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा साल में 100 डॉलर के पार नहीं गई.
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष “
