• September 30, 2022 12:15 am

पाकिस्तान पर टूटी ‘दूसरी आपदा’, जल जमाव के कारण होने वाली बीमारियों का कहर

Share More

22 सितम्बर 2022 | पाकिस्तान में अब बाढ़ पीड़ित इलाकों में पानी के जमाव के कारण होने वाली बीमारियों का कहर टूट रहा है। मंगलवार को इन बीमारियों के कारण नौ और लोगों की मौत हो गई। इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि हालात बेकाबू हो रहे हैं। उधर संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने हालात को अंधकारमय करार दिया है।

हाल के हफ्तों में भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण पाकिस्तान के कई इलाकों में तीन बार भीषण बाढ़ आई। बारिश और बाढ़ के कारण 1,559 लोग मारे गए, जिनमें 551 बच्चे भी हैं। अब बाढ़ का कहर थम गया है, लेकिन उसकी वजह से फैली बीमारियों से बड़ी संख्या में लोग पीड़ित हो रहे हैं। सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि बाढ़ पीड़ित इलाकों में मलेरिया, डेंगू, त्वचा और आंख के संक्रमण, और गंभीर डायरिया का प्रकोप व्यापक रूप से फैला हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस स्थिति को ‘दूसरी आपदा’ बताया है।

मंगलवार को नौ लोगों की मौत सिंध प्रांत में हुई। वहां बीते ढाई महीनों में मलेरिया से 318 लोग मर चुके हैं। 27 लाख लोग पानी जमाव के कारण होने वाली बीमारियों से पीड़ित हुए हैं। ऐसे लोगों के इलाज के लिए जगह-जगह पर अस्थायी या चलते-फिरते अस्पताल बनाए गए हैं।

इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लगातार विदेश दौरों पर रहने के कारण यहां उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। शरीफ पहले शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लेने उज्बेकिस्तान के शहर समरकंद गए। अब वे संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने न्यूयॉर्क रवाना हो गए हैं। हालांकि सरकार की तरफ से कहा गया है कि शरीफ संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण के दौरान बाढ़ पीड़ियों की दुर्दशा का वर्णन करेंगे।

शरीफ ने भी न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद एक ट्विट में कहा कि वे बाढ़ के कारण जो भीषण मानवीय त्रासदी आई, उसकी कहानी दुनिया को बताएंगे। उन्होंने कहा- ‘संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान मैं दुनिया से इस हालत पर तुरंत ध्यान देने की गुजारिश करूंगा।’

पाकिस्तान सरकार लगातार विदेशी राहत की अपील कर रही है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने राहत और पुनर्वास कार्यों में ठोस राहत का एलान किया है। मंगलवार को बैंक ने कहा कि उसके राहत पैकेज का मकसद लोगों, आजीविका और इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में मददगार बनना है। बैंक ने कहा है कि पाकिस्तान में उसकी सहायता से चल रही मौजूदा परियोजनाओं के तहत अब क्षतिग्रस्त इन्फ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसमें सड़कों और सिंचाई सुविधाओं की मरम्मत भी शामिल हैं।

जानकारों ने कहा है कि पाकिस्तान में फौरी जरूरत बाढ़ पीड़ित इलाकों में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी नियमों के प्रति जागरूक बनाने और बुखार तथा डायरिया जैसी बीमारियों की दवाओं की बड़े पैमाने पर आपूर्ति की है। कई जगहों पर पैरासिटामोल और पेनाडोल जैसी दवाओं की कमी है। सिंध प्रांत की सरकार ने अब इन दवाओं के मुख्त वितरण की मुहिम चलाने का एलान किया है। साथ ही लोगों को मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है, ताकि मच्छर से फैलने वाली बीमारियों से बचाव हो सके।

सोर्स :-“अमर उजाला”                                         

Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published.