30 मार्च 2022 | स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस को अब अमेरिका की JDAM (ज्वाइंट डायरेक्ट अटैक म्यूनिशन) किट से लैस किया जाएगा। इससे तेजस को दुश्मन के ठिकानों पर सटीक निशाना लगाने में मदद मिलेगी। JDAM किट से तेजस हवा से जमीन पर 80 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक लक्ष्य पर सटीकता से बम गिरा सकेगा।
पहले तेजस के बेड़े में लगेगी JDAM किट
इंडियन एयरफोर्स ने हाल ही में JDAM किट के लिए अमेरिका के साथ एक समझौता किया है। सबसे पहले हल्के लड़ाकू विमान तेजस के बेड़े को JDAM किट से लैस किया जाएगा। बाद में अन्य लड़ाकू विमानों को भी इस तकनीक से लैस किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि JDAM किट घरेलू विमानों को दुश्मन विमानों से कहीं ज्यादा ताकतवर बना देंगे। खास बात यह है हम दुश्मन पर दूर से ही अचूक निशाना लगा सकेंगे।
तेजस में लगाई गई थीं हैमर मिसाइलें
इंडियन एयरफोर्स, तेजस में अधिक से अधिक क्षमताएं जोड़कर उसे शक्तिशाली बनाने में जुटी है। हाल ही में एयरफोर्स ने तेजस को फ्रांस की हैमर मिसाइलों से लैस किया था। इन मिसाइलों से तेजस 70 किलोमीटर से अधिक दूरी तक किसी भी मजबूत बंकर को ध्वस्त करने में सक्षम हो गया है।
तेजस की खासियत यहां जान लीजिए
- स्वदेशी तेजस चौथी पीढ़ी का टेललेस कंपाउंड डेल्टा विंग विमान है।
- इस विमान की गति 1.6 मैक है।
- यह फ्लाई बाय वायर फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, इंटीग्रेटेड डिजिटल एवियोनिक्स, मल्टीमोड रडार से लैस लड़ाकू विमान है।
- तेजस सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों के समूह में सबसे हल्का और सबसे छोटा है।
- 2000 किलोमीटर की रेंज को कवर करने वाले तेजस का अधिकतम थ्रस्ट 9163 केजीएफ है।
- इस जेट पर दो आर-73 एयर-टू-एयर मिसाइल, दो 1000 एलबीएस क्षमता के बम, एक लेजर डेजिग्नेशन पॉड और दो ड्रॉप टैंक्स हैं।
- एक तेजस बनाने में करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। विमान का इंजन अमेरिकी है, रडार और वेपन सिस्टम इजराइल का और इजेक्शन सीट ब्रिटेन की है।
Source :- ” देनिक भास्कर”
