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600 रुपये में रोहतांग-अटल टनल की सैर करवा रहा निगम

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03 मई 2022 |

सार

हिमाचल पथ परिवहन निगम 600 रुपये किराये में सैलानियों को दस पर्यटन स्थलों का सैर-सपाटा करवा रहा है। मनाली से रोहतांग दर्रा के लिए सुबह इलेक्ट्रिक बस सेवा छह बजे शुरू होती है। अंतिम बस सुबह दस बजे रवाना होती है।

विस्तार

सैलानी अब रोहतांग दर्रा और अटल टनल रोहतांग को अब एक साथ निहार पाएंगे। इसके लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने रिकॉर्ड 15 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की हैं। अगले तीन से चार दिन में इनकी संख्या 20 तक पहुंच जाएगी। मात्र 600 रुपये किराये में निगम सैलानियों को दस पर्यटन स्थलों का सैर-सपाटा करवा रहा है। मैदानों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। खासकर जून में सैलानियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। 

अटल टनल रोहतांग और रोहतांग दर्रा मनाली पहुंचने वाले पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने वायु प्रदूषण को देखते हुए रोहतांग दर्रा के लिए वाहनों की संख्या सीमित कर मात्र 1200 कर दी है। पिछले आठ साल से परमिट के साथ 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहन भेजे जा रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन परमिट लेना जरूरी है। परमिट से ही गुलाबा बैरियर से एंट्री मिलेगी। बहरहाल, परिवहन निगम कोरोना काल से खड़ी करीब 25 इलेक्ट्रिक बसों में से अब 15 बसों को रोहतांग दर्रा के लिए चला रहा है। 

मई के पहले सप्ताह से मनाली से रोहतांग दर्रा के लिए तीन इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं। सैलानियों की बढ़ती भीड़ और मांग को देखते हुए निगम ने बसों की संख्या लगातार बढ़ाई। अब 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि पर्यटकों की संख्या अधिक रहने पर इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 15 की गई है। अगले सप्ताह तक यह संख्या 20 तक पहुंचेगी।

एनजीटी के आदेश पर चलाई इलेक्ट्रिक बसें 
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर मनाली से रोहतांग दर्रा के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। इसके लिए निगम ने विशेष रूप से इलेक्ट्रिक बसें खरीदी हैं। 

सुबह छह बजे से लेकर दस बजे तक मिलेंगी बसें 
मनाली से रोहतांग दर्रा के लिए सुबह इलेक्ट्रिक बस सेवा छह बजे शुरू होती है। अंतिम बस सुबह दस बजे रवाना होती है। निगम की यह बस पर्यटकों को मनाली से कोठी, गुलाबा, मढ़ी, राहनीनाला, रोहतांग दर्रा, ग्रांफू, कोकसर, अटल टनल रोहतांग, धुंधी तथा सोलंगनाला होकर वापस मनाली पहुंचती है। 

Source;-“अमर उजाला”  


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