04 अप्रैल 2023 | छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में किसानों से प्रति एकड़ बीस क्विंटल की दर से धान खरीदी की घोषणा की है. यह घोषणा अगले वर्ष धान खरीदी के दौरान लागू होगी. इस फैसले पर किसानों ने राज्य सरकार को धन्यवाद दिया है. राज्य सरकार द्वारा बीते चार वर्षाें में लिए गए अनेक किसान हितैषी फैसलों के बदौलत लगातार खेती-किसानी में बदलावदेखने को मिल रहा है। राज्य के किसान आधुनिक खेती की ओर भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से मिलने वाली 9 हजार रूपए प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी से किसान पहले की तुलना में काफी मजबूत हुए हैं। खेती-किसानी में किसानों की रूचि बढ़ी है। पहले से खेती छोड़ चुके किसान अब फिर से खेती-किसानी की ओर लौटने लगे हैं।
खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं के बेहतर निगरानी और किसानों तक योजनाओं की पहुंच से किसानों को भरपूर फायदा मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के किसान अब परंपरागत खेती से आधुनिक खेती की ओर भी बढ़ रहे है। राज्य में ट्रैक्टर सहित अन्य उन्नत कृषि उपकरणों की बिक्री से यह बात साफ हो जाती है। इस तरह किसानों के अनुकूल फैसले से राज्य सरकार ने अगले चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है,
राज्य में राजीव गांधी किसान न्याय योजना से उद्यानिकी फसलों को भी बढ़ावा मिल रहा हैै। इसी प्रकार बागवानी मिशन और मसालों की खेती की ओर भी किसान आकर्षित हो रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है। सुराजी गांव योजना के तहत गांव के लोगों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क शुरू किए जा रहे हैं। जहां कृषि आधारित तेल मिल, दाल मिल आदि छोटे-छोटे उद्योग लगाए जा रहे हैं, वहीं गोधन न्याय योजना के तहत हजारों-लाखों महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट सहित विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में जोड़ा जा रहा है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी और राजीव गांधी किसान न्याय योजना ने राज्य के किसानों का हौसला बढ़ी है। वहीं किसानों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए नवीन धान खरीदी केन्द्र प्रारंभ किए गए। उपार्जन केन्द्र बढ़कर 2 हजार 617 हो गई है। राज्य सरकार के इन क़दमों से सरकार के प्रति किसानों का विश्वास और मजबूत हुआ हैं. निश्चित ही इन फैसलों का असर आगामी चुनाव में अवश्य देखने को मिलेगा.
सोर्स :-“वी. के. झा “
