24 नवंबर 2023 ! लेकिन मेक्सिको में, जहाँ लिंग आधारित हिंसा और बंदूक की नोंक पर लूटपाट आम बात है, महिलाओं को इस पेशे के प्रति आकर्षित करना बहुत मुश्किल साबित हुआ है. बीबीसी 100 वीमेन ने देश के कुछ ख़तरनाक़ सड़कों पर महिला ट्रक ड्राइवरों के साथ यात्रा की.
व्यस्त सड़क से थोड़ी ही दूरी पर झाड़ियों में औंधे पड़े क्लारा फ़्रैगोसो ने सोचा, “अब वे तीन गोली मारेंगे और मुझे इस कंबल में लपेटे हुए छोड़ जाएंगे और कोई भी मुझे खोज नहीं पाएगा.”
आधी रात हो चुकी थी और उन्हें मेक्सिको की खाड़ी के तट टक्सपैन तक घंटों पहले पहुंच जाना था, लेकिन उन्हें एक आदमी ने बंदूक की नोंक पर ट्रक से उतार लिया.
हुड (टोपी) पहने एक आदमी ट्रक पर चढ़ा और फिर उसने क्लारा को उतरने और ज़मीन पर लेट जाने को कहा. इस दौरान उन्होंने ट्रेलर को चेक किया.
57 साल की क्लारा कहती हैं, “मन ही मन मैं इस दुनिया को अलविदा कह रही थी.”
वो कहती हैं, लेकिन फिर से शुरुआत करना आसान नहीं था. महिला वेटर के रूप में 50 डॉलर प्रति सप्ताह की कमाई से बच्चों को पालना मुश्किल हो रहा था.
इसलिए जब कुछ ग्राहकों से उन्होंने सुना कि ट्रक ड्राइवर अच्छा ख़ासा कमाते हैं, उन्होंने इस पेशे को अपनाने का मन बनाया.
18 साल पहले वो “ट्रेलेरा” बनीं, मेक्सिको में महिला ट्रक ड्राइवरों को इसी नाम से जाना जाता है.
ये उनके लिए बेहतर ज़िंदगी की गारंटी था, हालांकि उन्हें इस बात का इल्म था कि ये कितना ख़तरनाक काम है- वैसा ही जैसे वो उस समय बंदूक की नोंक पर ज़मीन पर लेटी हुई थीं.
किस्मत से बंदूकधारी के सीने में दिल था. वो मुश्किल से ही किशोरवय से बाहर आया था. उसने कहा कि उसके ख़ुद के पिता भी उसकी मां को पीटते थे और इसके बाद परिवार को छोड़कर चले गए.
उसने कहा कि अपनी मां की मदद के लिए उसने एक गैंग को जॉइन कर लिया.
क्लारा कहती हैं, “किसी तरह हमारे बीच एक भावनात्मक रिश्ता बन गया…हमने घंटों बातें कीं, मैंने उसे अपराध छोड़कर उससे बाहर आने के लिए समझाने की कोशिश की.”
अंत में क्लारा को उसने जाने दिया लेकिन हुड पहने उस आदमी ने ट्रक और उसमें लदे सामान को चुरा लिया.
वो कहती हैं, “हम ट्रक ड्राइवर हमेशा कहते हैं कि जिन अपराधियों से हमारा सामना होता है, उनमें कुछ अच्छे और कुछ बुरे होते हैं. मैं ख़ुशकिस्मत हूं कि मुझे हमेशा अच्छे मिले.”
मेक्सिको में कुल पांच लाख ट्रक ड्राइवरों में महज़ 2% महिलाएं हैं. अन्य देशों में भी यही कहानी है.
इंटरनेशनल रोड ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइज़ेशन का कहना है, “सभी जगहों पर 3% से भी कम महिला ट्रक ड्राइवर हैं. हालांकि चीन में 5% और अमेरिका में 8% हैं.”
जबकि यह सेक्टर कुशल ड्राइवरों की कमी से जूझ रहा है.
यही कारण है कि क्लारा और उनकी अन्य सहकर्मियों का मानना है कि वे महिलाओं के लिए अधिक जगह बनाने के साथ इस ढर्रे को बदलने में मदद कर सकती हैं.
लिज़्त हाइड गोंज़ालेज़ या लिज़ी की कहानी भी घरेलू हिंसा से बच निकलने वाली महिलाओं जैसी है और ड्राइवर बनना उनकी हमेशा से चाहत नहीं थी.
45 साल की लिज़ी अपने लाल ट्रक ‘डियावोलो’ को ले जाने की तैयारी करते हुए कहती हैं, “ट्रक ड्राइवर बनने का कोई सपना नहीं था. मैंने इसमें अपनी आर्थिक दिक्कतों का हल देखा. मेरा तो सपना था कि मैं सड़क पर कोई लाल कार चलाऊं. कम से कम अब मैं एक लाल ट्रक तो चला रही हूं!”
सोर्स :-“BBC न्यूज़ हिंदी”
