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टाइगर T- 110 को रणथम्भौर से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजा

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03 नवंबर 2022|  रणथम्भौर से मुकुंदरा टाइगर शिफ्टिंग का इंतजार गुरुवार को खत्म हो गया। गुरुवार सुबह वन विभाग की टीम ने टाइगर टी- 110 को ट्रेंकुलाइज किया। जिसके बाद टाइगर को सड़क मार्ग से मुकुंदरा के लिए रवाना कर दिया गया। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के DFO संग्राम सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वन विभाग की टीम टाइगर को ट्रेंकुलाइज करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रही थी। इसी कड़ी में गुरुवार सुबह वन विभाग की टीम ने टाइगर को फलौदी रेंज के देवपुरा वन चौकी के पास ट्रैक किया जिसके बाद वन विभाग की टीम ने टाइगर को ट्रेंकुलाइज किया। टाइगर को ट्रेंकुलाइज करने के बाद मेडिकल टीम ने टाइगर का हेल्थ चेकअप किया।

इस दौरान वन विभाग की टीम ने टाइगर को रेडियो कॉलर लगाया। रेडियो कॉलर लगाने के बाद सड़क मार्ग से टाइगर टी- 110 को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के प्रतिनिधि अभिषेक भटनागर, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन (CWLW) के प्रतिनिधि संजीव शर्मा, दौलत सिंह सदस्य स्टेट बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ (SBWL), CCF चीफ कंजर्वेटर ऑफ फारेस्ट रणथंभौर सेडू राम यादव, CCF मुकुंदरा एस पी सिंह, DFO डिविजनल फारेस्ट ऑफिसर, रणथम्भौर संग्राम सिंह कटियार व ACF (सहायक वन संरक्षक) मानस सिंह, 4 वेटनरी डाक्टरों की टीम व स्टाफ की मौजूद रहा।

रणथम्भौर की पेरीफेरी में था मूवमेंट
मेल‌ टाइगर T- 110 की उम्र लगभग छह साल है। यह टी-69 का बेटा है जबकि कृष्णा महिला की बेटी है। यह फिलहाल फलौदी रेंज के गाजीपुर आमली के पेरीफेरी में घूम रहा था। इससे पहले रणथम्भौर से हाल ही में एक टाइगर को सरिस्का भेजा गया था।

हुस्न आरा के वंशज कर रहे मुकुंदरा को आबाद
मुकुंदरा को टाइगर से आबाद करने की बात की जाए तो इसका श्रेय रणथम्भौर की टाइग्रेस हुस्नआरा यानी टी-30 और उसके वंशजों को जाता है। सबसे पहले जिस बाघ टी-91 को मुकुंदरा शिफ्ट किया गया था। वह टाइगर टी-91 हुस्नआरा का बेटा था। अब टाइगर टी-110 रणथम्भौर से मुकुंदरा भेजा गया है। यह टाइगर टाइग्रेस टी-69 की संतान है जबकि टाइग्रेस टी-69 रणथम्भौर की टाइग्रेस हुस्नआरा की संतान है। ऐसे में अब एक बार फिर हुस्नआरा के परिवार ने ही मुकुंदरा को आबाद किया है।

यह 18वां टाइगर जिसे किया गया शिफ्ट

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व 77 बाघ-बाघिनों सहित कई जानवरों का घर है। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व रणथम्भौर के बाघ-बाघिनों से ही गुलजार हैं। टी- 110 को मिलाकर अब तक रणथम्भौर से 18 टाइगर शिफ्ट किए गए हैं। रणथम्भौर से सरिस्का, मुकुंदरा, सज्जनगढ़ और रामगढ़ विषधारी में टाइगर भेजे गए हैं। रणथम्भौर से सरिस्का में 10 टाइगर, मुकुंदरा में छह टाइगर और रामगढ़ विषधारी और सज्जनगढ़ उदयपुर के लिए एक एक टाइगर भेजा जा चुका है।

सोर्स :- “दैनिक भास्कर”                      

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