• June 5, 2026 12:18 am

गहलोत की कुर्सी बचाने वाले धारीवाल-जोशी-राठौड़ को कांग्रेस क्या नहीं देगी टिकट?

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नवंबर 1 2023 ! राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मंगलवार को 56 उम्मीदवारों की चौथी और पांच प्रत्याशियों की पांचवी लिस्ट जारी की. इस तरह से कांग्रेस ने राज्य की 200 सीटों में से 156 सीटों पर कैंडिडेट उतार दिए हैं. कांग्रेस ने अभी तक अपने नौ विधायकों का टिकट काटकर उनकी जगह पर नए चेहरे को उतारे हैं. गहलोत कैबिनेट के 23 मंत्रियों के टिकट कन्फर्म कर दिए हैं, लेकिन 5 मंत्रियों की उम्मीदवारी अभी होल्ड पर है. इस फेहरिश्त में उन तीन दिग्गज नेताओं के टिकट पर संकट गहराया हुआ है, जो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कुर्सी को बचाने के लिए विधायकी से इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गई थे.

गहलोत कैबिनेट में कुल 30 मंत्री रहे हैं, जिसमें से राजेंद्र गुढ़ा को कुछ दिन पहले ही बर्खास्त किया है. इस तरह 29 मंत्रियों में से 23 को टिकट दिया गया है, जबकि बाकी बचे छह मंत्रियों में सुभाष गर्ग आरएलडी कोटे से हैं. ऐसे में कांग्रेस ने जिन 5 मंत्रियों की सीट पर टिकट घोषित नहीं किए हैं, उसमें शांति धारीवाल, डॉ. महेश जोशी, लालचंद कटारिया, जाहिदा खान और हेमाराम चौधरी हैं. कटारिया और हेमाराम चुनाव लड़ने से पीछे कदम खींच लिए हैं, जबकि जाहिदा खान का विरोध हो रहा है. इस तरह से दो मंत्री बच हैं, जिनकी सीटों पर टिकट घोषित नहीं हो सकें.

सीएम अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले मंत्री डॉ. महेश जोशी, मंत्री शांति धारीवाल और आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ के टिकट कांग्रेस ने कन्फर्म नहीं किए हैं. इन तीनों नेताओं ने सीएम गहलोत की कुर्सी बचाने के लिए बगावत का झंडा उठा लिया था. 25 सितंबर 2022 को कांग्रेस हाईकमान ने तीन सदस्यीय एक प्रतिनिधि मंडल को विधायकों के बातचीत के लिए भेजा गया था कि मुख्यमंत्री के बदलाव का मूड भांपा जा सके. माना जा रहा था कि गहलोत की जगह सचिन पायलट को सीएम बनाने की कोशिश के तहत यह सब किया जा रहा.

दिल्ली से जयपुर भेजे गए प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई थी, जिसमें गहलोत खेमे के विधायकों ने शामिल होने के बजाय शांति धारिवाल के आवास पर बैठक करके विधानसभा स्पीकर को इन सभी विधायकों ने इस्तीफा सौंप दिया था. इस मामले से कांग्रेस हाईकमान की बहुत ज्यादा किरकिरी हुई थी और अनुशासनहीनता के मामले में तीनों नेताओं को नोटिस दी गई थी. हालांकि उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन अब चुनाव में उनके टिकट पर पार्टी नेतृत्व ने वीटो लगा दिया है.

हवामहल सीट से डॉ. महेश जोशी, कोटा उत्तर सीट से शांति धारीवाल और अजमेर उत्तर सीट से धर्मेन्द्र राठौड़ विधायक हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने इन तीनों नेताओं को टिकट दिलाने की पैरवी कर रहे हैं, लेकिन केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में राहुल गांधी और पार्टी नेतृत्व ने जिस तरह से तीनों ही नेताओं पर सवाल खड़े किए हैं. इतना ही नहीं राहुल गांधी ने इन तीनों सीटों पर इन तीनों नेताओं के विकल्प के रूप में दूसरे नाम मांगे थे और अब तक उनका टिकट घोषित न किए जाने के चलते संकट गहरा गया है. यह मामला अब मल्लिकार्जुन खरगे के पाले में डाल दिया गया है.

कांग्रेस सूत्रों की माने तो डॉ. महेश जोशी, शांति धारीवाल और धर्मेन्द्र राठौड़ के चुनाव लड़ने का फैसला खरगे को करना है. कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्यों ने तीनों नेताओं के टिकट पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत कर दिया है. इसके अलावा बाकी बची सीटों पर मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ चर्चा कर नाम तय करेंगे. ऐसे में देखना है कि गहलोत की सीट बचाने वाले महेश जोशी, शांति धारीवाल और धर्मेन्द्र राठौड़ को कांग्रेस क्या टिकट देगी?

सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष    


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